जरुरी जानकारी | बैंकों ने आपात ऋण गारंटी योजना के तहत एमएसएमई को वितरित किये 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक के कर्ज

नयी दिल्ली, तीन जुलाई वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों ने आपातकालीन ऋण सुविधा गारंटी योजना के तहत एक जुलाई तक एमएसएमई को 52,255.53 करोड़ रुपये के कर्ज वितरित किये हैं।

एक जून से शुरू शत प्रतिशत गारंटी वाली इस योजना के तहत बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों ने अभी तक 1.10 लाख करोड़ रुपये के कर्ज की मंजूरी दी है।

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कोरोना वायरस महामारी से प्रभावित अर्थव्यवस्था को सहारा देने के लिये पिछले महीने 20 लाख करोड़ रुपये के आत्मनिर्भर भारत पैकेज की घोषणा की थी। इस पैकेज का सबसे बड़ा हिस्सा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उपक्रमों (एमएसएमई) के लिये घोषित तीन लाख करोड़ रुपये की आपातकालीन ऋण सुविधा गारंटी योजना है।

आपातकालीन ऋण सुविधा गारंटी योजना के तहत जारी इन आंकड़ों में 12 सरकारी बैंकों, 20 निजी बैंकों और नौ गैर बैंकिंग वित्तीय संस्थानों (एनबीएफसी) के द्वारा आवंटित व वितरित किये गये ऋण शामिल हैं।

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सीतारमण ने एक ट्वीट में कहा, "एक जुलाई 2020 तक सरकारी बैंकों और निजी बैंकों ने 100 प्रतिशत आपातकालीन ऋण सुविधा गारंटी योजना के तहत 1,10,343.77 करोड़ रुपये के कर्ज को मंजूरी दी है। इनमें से 52,255.53 करोड़ रुपये के कर्ज का वितरण किया गया है।"

इस दौरान सरकारी बैंकों ने 63,234.94 करोड़ रुपये के ऋण का आवंटन तथा 33,349.13 करोड़ रुपये के ऋण का वितरण किया है। निजी क्षेत्र के बैंकों के द्वारा अभी तक इस योजना के तहत 47,108.83 करोड़ रुपये का आवंटन और 18,906.40 करोड़ रुपये का वितरण किया गया है।

सीतारमण ने कहा, ‘‘30 जून तक के आंकड़ों से पता चलता है कि 24 जून तक के आंकड़ों की तुलना में शत प्रतिशत आपात ऋण सुविधा गारंटी योजना के तहत एमएसएमई को दिये गये कर्ज तथा फायदा पाने वाली इकाइयों की संख्या में बढ़िया वृद्धि हुई है।’’

उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘‘सरकारी बैंकों ने 30 जून तक शत प्रतिशत आपात ऋण सुविधा गारंटी योजना के तहत 27 राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों में 71 एमएसएमई हब को 15,674.74 करोड़ रुपये के कर्ज को मंजूरी दी है। इनमें से 9,074.04 करोड़ रुपये बांटे जा चुके हैं।’’

तीस जून तक के आंकड़ों के आधार पर सर्वाधिक 1,910 करोड़ रुपये का आवंटन अहमदाबाद क्षेत्र में किया गया है। इसके बाद सूरत क्षेत्र में 1,602 करोड़ रुपये के कर्ज मंजूर किये गये हैं।

भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने 26 जून तक 20,281 करोड़ रुपये के कर्ज मंजूर किये हैं, जबकि लगभग 12,855 करोड़ रुपये के कर्ज बांटे हैं। इसके बाद पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने एक जुलाई तक 7,957 रुपये के कर्ज की मंजूरी दी है और 2404 करोड़ रुपये के कर्ज का वितरण किया है।

राज्यों के हिसाब से एक जुलाई तक 6,578 करोड़ रुपये के आवंटन तथा 3,310 करोड़ रुपये के वितरण के साथ महाराष्ट्र शीर्ष पर है। इसके बाद तमिलनाडु का स्थान है, जहां बैंकों के द्वारा इस दौरान 6,390 करोड़ रुपये के कर्ज मंजूर किये गये हैं, जबकि 3,695 करोड़ रुपये के कर्ज बांटे जा चुके हैं।

मंत्रिमंडल ने एमएसएमई क्षेत्र के लिये आपातकालीन ऋण सुविधा गारंटी योजना के माध्यम से 9.25 प्रतिशत की रियायती दर पर तीन लाख करोड़ रुपये तक के अतिरिक्त वित्त पोषण को 21 मई को मंजूरी दी थी।

योजना के तहत, पात्र एमएसएमई और इच्छुक मुद्रा कर्जदारों को तीन लाख करोड़ रुपये तक के अतिरिक्त वित्त पोषण के लिये राष्ट्रीय ऋण गारंटी न्यासी कंपनी के द्वारा 100 प्रतिशत गारंटी कवरेज प्रदान की जायेगी।

इसके लिये सरकार द्वारा मौजूदा वित्त वर्ष और अगले तीन वित्त वर्ष के दौरान 41,600 करोड़ रुपये मुहैया कराये जायेंगे।

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