जरुरी जानकारी | बैंक आफ बड़ौदा को दूसरी तिमाही में 1,679 करोड़ रुपये का मुनाफा, एनपीए प्रावधान घटा

मुंबई, 29 अक्टूबर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक आफ बड़ौदा को चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में एकल आधार पर 1,679 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ है। फंसे कर्ज के लिये प्रावधान कम होने से बैंक बेहतर मुनाफा हासिल करने में सफल रहा है।

बैंक ने दूसरी तिमाही (जुलाई- सितंबर 2020) के आंकड़े जारी करते हुये कहा कि पिछले वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में उसका एकल मुनाफा 737 करोड़ रुपये रहा था। वहीं बैंक को इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 864 करोड़ रुपये का घाटा उठाना पड़ा था।

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एकीकृत आधार पर दूसरी तिमाही में बैंक का शुद्ध मुनाफा 1,771 करोड़ रुपये रहा है।

बैंक आफ बड़ौदा (बीओबी) के प्रबंध निदेशक और सीईओ संजीव चढ्ढा ने संवाददाताओं से कहा कि दूसरी तिमाही के परिणाम से स्पष्ट है कि पहली तिमाही के लॉकडाउन के बाद स्थिति में तेज सुधार आया है। यह सुधार फीस से होने वाली आय के कुछ प्रमुख मानदंडों में दिखाई देता है।

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उन्होंने कहा, ‘‘बैंक की फीस से होने वाली आय पहली तिमाही में काफी गिर गई थी लेकिन दूसरी तिमाही में इसमें तीव्र वृद्धि दर्ज की गई। पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले भी इसमें तार्किक सुधार दर्ज किया गया है। यह हमारे ग्राहकों की गतिविधियों में बेहतरी को दर्शाता है।’’

बैंक पहली तिमाही के मुकाबले काफी बेहतर स्थिति में पहुंचा है। बैंक कई मानदंडों के मामले में सामान्य दायरे के करीब पहुंच चुका है।

आलोच्य अवधि के दौरान बैंक की शुद्ध ब्याज आय 6.83 प्रतिशत बढ़कर 7,508 करोड़ रुपये हो गई। एक साल पहले इसी अवधि में यह 7,028 करोड़ रुपये रही थी। बैंक का घरेलू स्तर पर शुद्ध ब्याज मार्जिन सुधरकर 2.96 प्रतिशत हो गया वहीं वैश्विक मार्जिन 2.86 प्रतिशत रहा। बैंक की फीस आधारित आय साल दर साल आधार पर 3.9 प्रतिशत बढ़ गई जबकि पिछली तिमाही के मुकाबले उसमें 22.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

जुलाई से सितंबर 2020 की अवधि में बैंक की सकल गैर- निष्पादित संपत्ति (एनपीए) अनुपात 9.14 प्रतिशत रहा जो कि पिछले साल इसी अवधि में 10.25 प्रतिशत पर था। वहीं शुद्ध एनपीए अनुपात 3.91 प्रतिशत से घटकर 2.51 प्रतिशत रह गया। तिमाही के दौरान बैंक की एनपीए वसूली 2,500 करोड़ रुपये रही।

बैंक को तीसरी और चौथी तिमाही के दौरान एनसीएलटी खातों में 5,000 करोड़ रुपये प्राप्त होने की उम्मीद है।

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