देश की खबरें | गोवा में झरनों, खाली पड़ी खदानों में तैरने पर प्रतिबंध

पणजी, 27 मई आगामी मानसून सीजन के मद्देनजर गोवा में प्रशासन ने झरनों, खाली पड़ी खदानों और नदियों समेत अन्य जल निकायों में तैरने पर रोक लगा दी है। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।

उत्तर और दक्षिण गोवा जिलों के जिलाधिकारियों ने रविवार को परिपत्र जारी कर चेतावनी दी कि आदेश का पालन नहीं करना भारतीय दंड संहिता की धारा 188 का उल्लंघन माना जाएगा।

धारा 188 की अवज्ञा मानव जीवन, स्वास्थ्य या सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने या पैदा करने की प्रवृत्ति रखने से संबंधित है।

प्रशासन का कहना है कि झरनों, खाली पड़ी खदानों, नदियों, झीलों और अन्य जल निकायों में लोगों के डूबने की कई घटनाएं सामने आई हैं और इनके पानी में तैरना जोखिम भरा है।

परिपत्र में कहा गया है, "मानव जीवन या आम जनता की सुरक्षा और किसी भी खतरे को रोकने के लिए इस संबंध में तत्काल उपाय करना आवश्यक है।"

परिपत्र में इन जल निकायों में अगले आदेश तक तैराकी पर प्रतिबंध जारी रहने की बात कही गई है।

स्थानीय पुलिस निरीक्षकों और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने अधिकार क्षेत्र में कड़ी निगरानी रखें और इस आदेश का क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)