देश की खबरें | आयुष, अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय यूनानी चिकित्सा प्रणाली को एक साथ मिलकर बढ़ावा देंगे

नयी दिल्ली, 25 मई आयुष और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालयों ने भारत में यूनानी चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देने और विकसित करने के लिए संयुक्त रूप से एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

आयुष मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय ने केंद्र प्रायोजित योजना (सीएसएस) प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (पीएमजेवीके) के तहत 45.34 करोड़ रुपये के अनुदान को मंजूरी दी है।

इसमें कहा गया है कि इस योजना की सहायता से हैदराबाद, चेन्नई, लखनऊ, सिलचर और बेंगलुरु में यूनानी चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर बनाया जाएगा।

बयान के अनुसार, इन स्थानों पर यूनानी चिकित्सा की विभिन्न सुविधाओं के लिए अनुदान स्वीकृत किया गया है।

इसके अनुसार केंद्रीय यूनानी चिकित्सा अनुसंधान परिषद (सीसीआरयूएम) को कुल 35.52 करोड़ रुपये और राष्ट्रीय यूनानी चिकित्सा संस्थान (एनआईयूएम), बेंगलुरु को 9.81 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।

बयान के अनुसार हैदराबाद के राष्ट्रीय त्वचा रोग अनुसंधान संस्थान में यूनानी चिकित्सा में मौलिक अनुसंधान के लिए 16.05 करोड़ रुपये की लागत से एक केंद्र की स्थापना की जाएगी।

इसमें कहा गया है कि मंत्रालय ने यूनानी चिकित्सा, चेन्नई के क्षेत्रीय अनुसंधान संस्थान में ‘प्रीक्लीनिकल’ प्रयोगशाला सुविधा के लिए 8.15 करोड़ रुपये की लागत का प्रस्ताव दिया है।

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