नयी दिल्ली, दो जून एसबीआई कार्ड एंड पेमेंट सर्विसेज ने कहा है कि ग्राहक ‘लॉकडाउन’ (बंद) के दौरान उसके क्रेडिट कार्ड का निरंतर उपोग कर रहे हैं और मई में औसतन रोजाना 175 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किये गये।
देश के सबसे बड़े बैक एसबीआई द्वारा प्रवर्तित एसबीआई कार्ड ने कहा कि वह 25 मार्च से शुरू पहले ‘लॉकडाउन’ से ही व्यापार को बनाये रखने पर ध्यान दे रही है और उसके बाद से लगातार कारोबारी गतिविधियां बढ़ा रही है।
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कंपनी ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि एसबीआई कार्ड ने कोविड-19 संकट के कारण अप्रत्याशित आर्थिक स्थिति का विस्तार से विश्लेषण किया है और अपने व्यापार प्रभाव को प्रबंधित करने के लिये रणनीति तैयार की है।
कंपनी के अनुसार क्रेडिट कार्ड ऐसा उत्पाद है जहां ग्राहकों से निरंतर जुड़ाव का लाभ है और इसका कारण कारोबार की कुछ अलग प्रवृत्ति है।
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एसबीआई कार्ड के अनुसार, ‘‘यही कारण है कि ‘लॉकडाउन’ के दौरान भी क्रेडिट कार्ड के जरिये खर्च निरंतर बना रहा...देशव्यपी बंद में छूट के बद मई में औसत व्यय 175 करोड़ रुपये से अधिक रहा जबकि पिछले वित्त वर्ष 2019-20 के इसी माह में यह 290 करोड़ रुपये से अधिक था।’’
हालांकि मई के अंतिम सात दिनों में दैनिक खर्च का स्तर 200 करोड़ रुपये से ऊपर था।
कंपनी के अनुसार वह अब लॉकडाउन के पहले दैनिक औसत व्यय का लगभग 60 प्रतिशत हासिल कर चुकी है।
वित्त वर्ष 2019-20 की अंतिम तिमाही में ‘ऑनलाइन’ खर्च कुल खुदरा व्यय का 44 प्रतिशत था जो मई में 55 प्रतिशत हो गया।
जिन मदों में खर्च किये गये, उनमें बड़ी किराना की दुकानें, जन उपयोगी सेवाएं, ईंधन, इलेक्ट्रॉनिक और स्वास्थ्य सेवाएं शामिल हैं।
यात्रा, बाहर खाने-पीने और होटल में ठहरने जैसे मदों में खर्च बहुत कम रहे।
एसबीआई कार्ड के अनुसार कॉरपोरेट कार्ड के जरिये 2019-20 की चौथी तिमाही में करीब 6,000 करोड़ रुपये खर्च हुए।
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