नयी दिल्ली, तीन दिसंबर ओएनजीसी विदेश लि. को सेनेगल तेल क्षेत्र सौदा मामले में झटका लगा है। आस्ट्रेलिया की वुडसाइड पेट्रोलियम लि. ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने एफएआर लि. की सेनेगल में सांगोमार तेल परियोजना में हिस्सेदरी खरीदने को लेकर भारतीय कंपनी की पेशकश मूल्य की बराबरी करने के अपने अधिकार का उपयोग किया है।
भारतीय कंपनी ने 4.2 अरब डॉलर की परियोजना में 13.67 प्रतिशत हिस्सेदारी लेने के लिये 4.5 करोड़ डॉलर की पेशकश की थी।
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सार्वजनिक क्षेत्र की ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) की विदेशों में निवेश करने वाली इकाई ने पिछले महीने आस्ट्रेलियाई कंपनी एफएआर लि. की सेनेगल में सांगोमार परियोजना में 13.67 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने को लेकर सौदा किया था। इसके लिये 4.5 करोड़ डॉलर की पेशकश की गयी है।
यह सौदा भागीदारों के पहले इनकार के अधिकार की छूट के अंतर्गत था।
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आस्ट्रेलियाई कंपनी ने एक बयान में कहा, ‘‘वुडसाइड ने एफएआर सेनेगल आरएसएसडी एसए द्वारा ओएनजीसी विदेश वेंकोरनेफ्ट पीटीई लि. (ओवीएल की इकाई) को अपनी रूफिसक्यू, सांगोमार और सांगोमार डीप (आरएसएसडी) में पूरी हिस्सेदारी बेचने को लेकर नोटिस दिया है। यह नोटिस पहले इनकार के अधिकार के तहत दिया गया है।’’
एफएआर की सांगोमार उत्खनन क्षेत्र में 13.67 प्रतिशत हिस्सेदारी है। जबकि शेष 15 प्रतिशत हिस्सेदारी आरएसएसडी मूल्यांकन क्षेत्र में है।
यह सौदा अगर परवान चढ़ता है तो ओवीएल द्वारा ढाई साल में पहला अधिग्रहण होगा।
एक सूत्र ने कहा कि लेकिन वुडसाइड ने पहले इनकार के अधिकार का उपयोग किया है। एक तरह से सौदा ओवीएल के हाथ से निकल ही गया है।
सांगोमार संयुक्त उद्यम परियोजना है। इसमें वुडसाइड पेट्रोलियम और सेनेगल की नेशनल ऑयल कंपनी की हिस्सेदारी है।
एफएआर ने पिछले महीने कहा था कि वह 4.2 अरब डॉलर की सांगोमार परियोजना में अपनी हिस्सेदारी ओवीएल को बेचेगी।
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