देश की खबरें | इस समय सात विधायक पार्टी के साथ : कांग्रेस, ‘असंतुष्टों’ ने कहा- सब ठीक है

पणजी, 11 जुलाई गोवा में अपने विधायक दल में संभावित टूट को फिलहाल के लिए टालती दिखी कांग्रेस ने सोमवार को दावा किया कि भाजपा शासित राज्य में पार्टी के 11 विधायकों में से सात का समर्थन उसके साथ है।

गोवा में कांग्रेस के 11 विधायकों में से पांच से संपर्क नहीं हो पाने के एक दिन बाद कांग्रेस की गोवा इकाई के अध्यक्ष अमित पाटकर ने कहा कि इस समय पार्टी के साथ सात विधायक हैं। यह संख्या रविवार को पांच बताई जा रही थी। पार्टी ने अपने कुछ विधायकों को अयोग्य करार दिये जाने की भी मांग की है।

अब तक संपर्क से दूर बताये जा रहे कांग्रेस के विधायकों ने सोमवार से शुरू हुए राज्य विधानसभा के मॉनसून सत्र में भाग लिया और दावा किया कि विपक्षी पार्टी में कुछ भी समस्या नहीं है।

पाटकर ने कहा कि वरिष्ठ नेता मुकुल वासनिक गोवा पहुंच गये हैं और माइकल लोबो की जगह नये नेता प्रतिपक्ष के नाम की घोषणा की जाएगी।

कांग्रेस ने लोबो पर भाजपा के साथ साठगांठ करने का आरोप लगाते हुए उन्हें विधानसभा में विपक्ष के नेता पद से हटा दिया था।

पाटकर ने कहा कि वासनिक कांग्रेस विधायक दल के साथ बैठक करेंगे। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘विधायक एलीक्सो सीक्वेरा और एक अन्य विधायक हमारे पास आये हैं। रविवार शाम को हमारे साथ पांच विधायक थे, अब हमारे साथ सात विधायक हैं।’’

हालांकि, पाटकर ने सातवें विधायक का नाम बताने से इनकार कर दिया।

कांग्रेस ने रविवार को कहा था कि गोवा में उसके 11 विधायकों में से पांच से संपर्क नहीं हो पा रहा।

कांग्रेस ने अपने दो विधायकों -माइकल लोबो और पूर्व मुख्यमंत्री दिगंबर कामत पर सत्तारूढ़ भाजपा के साथ मिलीभगत से विधायक दल में टूट की साजिश रचने आरोप लगाया था।

पार्टी ने लोबो को राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद से हटा दिया। गोवा विधानसभा में 40 सदस्य हैं।

जिन पांच विधायकों से संपर्क नहीं हो पा रहा था, उन्होंने सोमवार सुबह शुरू हुए राज्य विधानसभा के मॉनसून सत्र में भाग लिया। उन्होंने दावा किया कि विपक्षी दल में कुछ भी समस्या नहीं है।

इन विधायकों में माइकल लोबो, दिगंबर कामत, केदार नायक, राजेश फलदेसाई तथा डिलायला लोबो हैं।

कांग्रेस के गोवा प्रभारी दिनेश गुंडू राव ने भी कहा कि जिन विधायकों से संपर्क नहीं हो पा रहा, उन्हें छोड़कर पांच अन्य विधायक कांग्रेस के साथ हैं। इनमें आल्टोन डिकोस्टा, संकल्प अमोनकर, यूरी अलेमाओ, कार्लोस अल्वारेस फरेरा और रूडोल्फ फर्नांडीज हैं। ये पांच विधायक रविवार को राव के संवाददाता सम्मेलन में उपस्थित थे।

राव ने कहा था कि छठे विधायक सीक्वेरा भी कांग्रेस नेताओं के साथ संपर्क में हैं और पार्टी के साथ हैं।

पाटकर ने कहा कि कांग्रेस संभवत: सोमवार रात में नये नेता प्रतिपक्ष (एलओपी) का नाम घोषित करेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने विधानसभा अध्यक्ष रमेश तवडकर से मुलाकात कर उन्हें विपक्ष के नेता पद से माइकल लोबो को हटाने के बारे में जानकारी दी।

लोबो ने सोमवार को पत्रकारों से कहा कि पार्टी में कोई समस्या नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘‘ कोई दिक्कत नहीं है। मुझे नहीं पता कि समस्या क्या है। कांग्रेस के सभी विधायक एकजुट हैं। हम रविवार को दक्षिण गोवा में एक बैठक के लिए गए थे। वे (कांग्रेस नेता) दोबारा संवाददाता सम्मेलन करना चाहते थे, जिसकी जरूरत नहीं थी, इसलिए हम उसमें शामिल नहीं हुए।’’

लोबो की पत्नी डिलायला भी कांग्रेस से विधायक हैं। लोबो ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीता है और वे पार्टी के साथ हैं।

लोबो ने नेता प्रतिपक्ष के पद से हटाए जाने के बारे में पूछे जाने पर कहा कि उन्होंने पार्टी को बता दिया था कि उन्हें इस पद पर बने रहने में कोई दिलचस्पी नहीं है।

पूर्व मुख्यमंत्री कामत और उनके सहयोगी राजेश फलदेसाई ने भी कहा कि वे पार्टी के साथ हैं। कामत ने विधानसभा परिसर में पत्रकारों से कहा कि वह कांग्रेस के साथ ही हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मैंने शनिवार को दिनेश गुंडु राव से मुलकात की थी। मैंने उन्होंने बताया था कि पार्टी में मेरा जो अपमान हुआ है, उससे मैं आहत हूं।’’

उन्होंने यह भी कहा कि उनके भाजपा में शामिल होने की अफवाह तो 2017 से चल रही हैं।

कामत ने कहा ‘‘मैं कांग्रेस में ही हूं। (इस साल के शुरू में) विधानसभा चुनावों में मैंने कांग्रेस का नेतृत्व किया था, लेकिन चुनाव के बाद मुझे नेता प्रतिपक्ष का पद नहीं दिया गया ।’’

विधायक फलदेसाई ने भी कहा कि वह पार्टी के साथ हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने रविवार को पार्टी कार्यालय में अपनी अनुपस्थिति के बारे में गोवा कांग्रेस के अध्यक्ष अमित पाटकर को बता दिया था। उन्होंने कहा कि वह निजी कारणों के चलते रविवार को घर पर थे।

विधानसभा सत्र की शुरुआत से पहले कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि वह पांच अन्य कांग्रेस विधायकों के साथ एक अज्ञात स्थान पर चले गये थे, ताकि संगठन में टूट से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि वे सत्र में भाग लेंगे।

इस बीच, कांग्रेस ने विधानसभा अध्यक्ष तवडकर के समक्ष याचिका दाखिल कर लोबो और कामत को अयोग्य करार देने की मांग की है।

पाटकर ने दावा किया, ‘‘दोनों विधायकों को अयोग्य करार दिये जाने के लिये याचिकाएं दाखिल की गयी हैं, क्योंकि उन्होंने स्वेच्छा से पार्टी की सदस्यता छोड़ी है।’’

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