देश की खबरें | असम बच्चों के विरूद्ध अपराध रोकने के लिए बढ़चढ़कर कर रहा है काम: एनसीपीसीआर

गुवाहाटी, 17 मई राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने बुधवार को कहा कि असम बच्चों के खिलाफ अपराध को खत्म करने के लिए सक्रियता से काम कर रहा है।

एनसीपीसीआर की सदस्य दिव्या गुप्ता ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि कुछ अन्य राज्यों की तुलना में असम में किशोरों द्वारा अपराध ‘बहुत कम’ है।

उन्होंने कहा, ‘‘ असम सरकार बच्चों के विरूद्ध अपराध पर रोकथाम के लिए बहुत सक्रिय है। वह बाल अपराध के अपराधियों के विरूद्ध गंभीर कार्रवाई कर रही है।’’

कोई आंकड़ा पेश किये बिना गुप्ता ने दावा किया कि राज्य में बच्चों के विरूद्ध अपराध घट रहे हैं।

अपराधों में बच्चों के शामिल होने के बारे में उन्होंने कहा कि असम ‘अच्छा राज्य’ है जहां सुधार गृहों में बहुत कम बाल अपराधी हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘ मैं एक ऐसे ही सुधारगृह गयी थी जहां 13 जिलों के बच्चे हैं। वहां बच्चों की कुल संख्या महज 50 है।’’

दो बच्चों का एक दंपत्ति द्वारा शारीरिक एवं यौन उत्पीड़न का जिक्र करते हुए एनसीपीसीआर सदस्य ने कहा कि वह उनसे मिली और उनकी स्थिति सुधर रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘ वे सुरक्षित जगह पर हैं और उनकी स्थिति में सुधार के लिए काफी देखभाल की जा रही है। इन दोनों बच्चों का जिस प्रकार का शारीरिक एवं यौन उत्पीड़न किया गया, मैं उसके बारे में बता नहीं सकती। उनके निजी अंगों पर चोट और जलाने के निशान है। यहां तक, जानवर भी ऐसा बर्ताव नहीं करते हैं।’’

पिछले महीने गुवाहाटी में एक डॉक्टर दंपत्ति को दो बच्चों पर कथित रूप से हमला करने को लेकर गिरफ्तार किया गया था। पति-पत्नी ने इन बच्चों को गोद लेने का दावा किया था।

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