देश की खबरें | मणिपुर में हुए हमले में असम राइफल्स के कमांडिंग अफसर, पत्नी और बेटे की मौत

इंफाल, 13 नवंबर मणिपुर में ताजा उग्रवादी हिंसा में शनिवार सुबह हुए हमले में असम राइफल्स की खुगा बटालियन के कमांडिंग अफसर (सीओ) कर्नल विप्लव त्रिपाठी, उनकी पत्नी और बेटे की मौत हो गई। इस हमले में अर्धसैन्य बल के चार कर्मियों की भी मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि चुराचांदपुर जिले के सेहकन गांव में त्रिपाठी के काफिले को निशाना बनाया गया।

अलग ‘होमलैंड’ की मांग करने वाले मणिपुर के उग्रवादी संगठन ‘पीपुल्स रेवोल्यूशनरी पार्टी ऑफ कंगलीपक’ (पीआरईपीएके) को इस हमले का जिम्मेदार माना जा रहा है। इस हमले में ‘आईईडी’ विस्फोटकों का इस्तेमाल किया गया।

असम राइफल्स की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया, “उग्रवादियों (संदिग्ध पीआरईपीएके/पीएलए) के हमले में कमांडिंग अफसर और त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्यूआरटी) के तीन कर्मियों की मौके पर ही जान चली गई। कमांडिंग अफसर के परिवार (पत्नी और छह वर्षीय बेटे) की भी मौत हो गई। अन्य घायल कर्मियों को बहियंगा स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती किया गया है।”

हालांकि, रक्षा मंत्री राजनाथ मंत्री ने संकेत दिया कि बल के एक और कर्मी की मौत हुई। रक्षा मंत्री ने ट्वीट किया, ‘‘मणिपुर के चुराचांदपुर में असम राइफल्स के काफिले पर कायराना हमला बेहद दुखद और निंदनीय है। देश ने 46वीं असम राइफल्स के सीओ सहित पांच बहादुर सैनिकों और उनके परिवार के दो सदस्यों को खो दिया है। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं। दोषियों को जल्द ही न्याय के कटघरे में लाया जाएगा।’’

सिंह के ट्वीट से एक और कर्मी की मौत होने का संकेत मिला लेकिन असम राइफल्स ने तात्कालिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की है। कर्नल त्रिपाठी ने पहले मिजोरम में सेवा दी थी और जुलाई 2021 में मणिपुर में उनका स्थानांतरण हो गया था।

असम राइफल्स की ओर से जारी बयान में कहा गया कि इस हमले के पीछे पीआरईपीएके समूह के होने का शक है क्योंकि 12/13 नवंबर को इस संगठन का स्मरण दिवस है।

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