कोकराझार (असम), 19 जून असम के कोकराझार जिले की अदालत ने एक लड़की के अपहरण और दुष्कर्म के दोषी पुलिस कांस्टेबल को 20 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
‘फास्ट ट्रैक’ अदालत के विशेष न्यायाधीश जयदेव कोच ने मंगलवार को यौन उत्पीड़न से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम, 2012 की धारा छह के तहत कांस्टेबल बनजीत दास को दोषी ठहराते हुए अपना फैसला सुनाया।
दास को 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गयी और 10 हजार रुपये का जुर्माना भी किया गया। जुर्माना न देने की स्थिति में दोषी कांस्टेबल को दो महीने की साधारण कारावास की सजा और काटनी होगी।
इसके अलावा, अदालत ने दास को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 363 के तहत लड़की के अपहरण का भी दोषी पाया और उसे 2,000 रुपये के जुर्माने के साथ तीन साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई।
आदेश में कहा गया है कि चूक की स्थिति में उसे एक महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
विशेष न्यायाधीश के आदेशानुसार, दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी।
पीड़िता के पिता ने 10 अक्टूबर, 2019 को बोगरीबाड़ी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि उसकी बेटी अपने चाचा के घर जाने के बाद लापता हो गई है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, बाद में पता चला कि दास ने लड़की से शादी करने के इरादे से उसका अपहरण किया था और बाद में उसे अज्ञात स्थान पर रखकर उसके साथ बलात्कार किया गया।
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