गुवाहाटी, 25 अप्रैल असम में शुक्रवार को जुमे की नमाज अदा करने के बाद मुसलमानों ने जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकवादी हमले के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए इसकी निंदा की और अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
राज्य के कई स्थानों पर मस्जिदों के बाहर प्रदर्शन किया गया।
उन्होंने निर्दोष लोगों पर हुए जघन्य हमले की एक स्वर में निंदा की तथा इसके खिलाफ नारे लगाए।
कछार जिले के सिलचर स्थित बड़ी मस्जिद में लियाकत अली ने कहा, ‘‘हम इस घटना की निंदा करते हैं। इस्लाम आतंकवाद की बात नहीं करता, यह शांतिप्रिय लोगों का धर्म है। आतंकवादियों का कोई धर्म नहीं होता।’’
प्रदर्नकारियों ने हाथों में तख्तियां ले रखी थीं। उन्होंने ‘‘पाकिस्तान मुर्दाबाद’’, ‘‘आतंकवाद मुर्दाबाद’’ और ‘‘पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध शुरू करो’’ जैसे नारे लगाए।
असम विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष अमीनुल हक लस्कर ने कहा, ‘‘आतंकवादियों ने जो किया है उसके सामने हमारे शब्द कम पड़ गए हैं। हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं और भारत सरकार से उचित कार्रवाई करने का आग्रह करते हैं।’’
सोनितपुर, शिवसागर, गोलाघाट, बारपेटा और नलबाड़ी जिलों की विभिन्न मस्जिदों में भी लोग बड़ी संख्या में बाहर आए और पहलगाम में हुए हमले की निंदा की।
मंगलवार दोपहर को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों ने गोलीबारी की, जिसमें 26 लोग मारे गए। मरने वालों में अधिकतर पर्यटक थे।
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