खेल की खबरें | एशियाई संघ ने आईबीए के पक्ष में मतदान किया, मुक्केबाजी का भविष्य अधर में लटका

अल ऐन (यूएई), एक सितंबर मुक्केबाजी का ओलंपिक में भविष्य पहले ही अधर में लटका है और अब इस खेल की एशियाई संचालन संस्था ने निलंबित अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी संघ (आईबीए) के पक्ष में मतदान करके उसकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

गुप्त मतदान के जरिए किए गए मतदान में 21 देशों ने आईबीए के साथ बने रहने के पक्ष में जबकि 14 देशों ने इस खेल के संचालन के लिए गठित की गई नई संस्था वर्ल्ड बॉक्सिंग में शामिल होने के पक्ष में मतदान किया।

भारत के अलावा जिन अन्य देशों ने मतदान में भाग लिया उनमें बहरीन, भूटान, ब्रुनेई, कंबोडिया, चीन, चीनी ताइपे, तिमोर लेस्ते, हांगकांग, इंडोनेशिया, ईरान, इराक, जापान, जॉर्डन, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, लाओस, लेबनान, मकाऊ, मलेशिया, म्यांमार, नेपाल, पाकिस्तान, फिलिस्तीन, फिलीपींस, कतर, सऊदी अरब, सिंगापुर, श्रीलंका, सीरिया, ताजिकिस्तान, थाईलैंड, तुर्कमेनिस्तान, संयुक्त अरब अमीरात, उज्बेकिस्तान, वियतनाम और यमन शामिल थे। भारत ने पर्यवेक्षक के रूप में भाग लिया।

आईबीए का अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के साथ विवाद चल रहा है। आईओसी ने तोक्यो और पेरिस खेलों के लिए ओलंपिक क्वालीफिकेशन प्रक्रिया की जिम्मेदारी संभाली थी।

वर्ल्ड बॉक्सिंग में वर्तमान में 42 सदस्य हैं जबकि निलंबित आईबीए में 100 से अधिक संबद्ध इकाइयां हैं।

जहां तक भारत का सवाल है तो भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) मई में वर्ल्ड बॉक्सिंग में शामिल होने पर सहमत हो गया था।

बीएफआई के अध्यक्ष अजय सिंह को विश्वास है कि वर्ल्ड बॉक्सिंग मान्यता प्राप्त करने के लिए 50 सदस्यों की अर्हता इस साल के आखिर तक पूरी कर लेगा।

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