नयी दिल्ली, चार अगस्त देश में 2022 तक करीब 40,000 रोगियों का पंजीकरण किडनी प्रतिरोपण के लिए और 13,430 का पंजीकरण यकृत प्रतिरोपण के लिए किया गया था। सरकार ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि 2022 में 11,705 किडनी प्रतिरोपण हुए और 3,920 यकृत प्रतिरोपण किये गये।
उन्होंने कहा कि ऐसे भारतीयों की सही-सही संख्या उपलब्ध नहीं है, जिन्हें विभिन्न अंगों के प्रतिरोपण की जरूरत है।
मांडविया ने बताया कि 2022 तक हृदय प्रतिरोपण के लिए 2,048 रोगियों के नाम राष्ट्रीय रजिस्ट्री में पंजीकृत किये गये थे, लेकिन उस साल 243 हृदय प्रतिरोपण किये गये।
रजिस्ट्री का संचालन राष्ट्रीय अंग और ऊतक प्रतिरोपण संगठन करता है।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि फेफड़ों के प्रतिरोपण के लिए 1,320 रोगियों, अग्नाशय प्रतिरोपण के लिए 181 रोगियों और आंत प्रतिरोपण के लिए 57 लोगों ने पंजीकरण कराया था।
उन्होंने कहा कि इनमें से 144 ने फेफड़ा प्रतिरोपण कराया, 26 रोगियों ने अग्नाशय प्रतिरोपण कराया और तीन ने आंत प्रतिरोपण सर्जरी कराई।
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