नयी दिल्ली, 29 दिसंबर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों से कहा गया है कि वे देश में कोविड-19 टीकाकरण के दौरान उत्पन्न होने वाले जैविक कचरे को निपटाने में मदद को तैयार रहें।
आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।
देश में कोविड-19 पर काबू पाने के लिए जल्द टीकाकरण अभियान शुरू होने की उम्मीद है।
सूत्रों ने कहा कि सीमा रक्षा से लेकर देश की आंतरिक सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल टीके की खुराक की उपलब्धता और इसकी सुरक्षा के बारे में जागरूकता फैलाने तथा शिविरों का आयोजन करने में चिकित्सा जगत की सहायता करने में भी ‘‘महत्वपूर्ण भूमिका’’ निभाएंगे।
कोविड-19 टीकाकरण अभियान में पुलिस बलों, खासकर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के भूमिका निभाने को लेकर हाल में संपन्न पुलिस प्रमुखों के सम्मेलन में चर्चा हुई। इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी शिरकत की थी।
इस संबंध में एक अधिकारी ने कहा, ‘‘केंद्रीय पुलिस संगठनों तथा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों से कहा गया है कि जरूरत पड़ने पर वे राष्ट्रव्यापी कोरोना वायरस रोधी टीकाकरण के दौरान उत्पन्न होने वाले बड़े जैविक कचरे को सुरक्षित ढंग से निपटाने में देश की स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली की मदद के लिए तैयार रहें।’’
भारत में टीकाकरण अभियान को 2021 में अंजाम दिए जाने की उम्मीद है।
अधिकारी ने कहा कि इन बलों से यह भी कहा गया है कि वे अपने उन चिकित्साकर्मियों तथा अन्य कर्मियों की पहचान करें जो टीके की सुरक्षा के बारे में जागरूकता फैलाने तथा शिविरों के आयोजन में स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली की मदद कर सकें।
उन्होंने कहा कि महामारी के चलते स्वास्थ्यकर्मियों पर काम का काफी बोझ है और ऐसे में इन बलों के कर्मचारी उनकी मदद कर सकते हैं।
अधिकारी ने कहा कि बलों से यह भी कहा गया है कि वे अपने उन कर्मचारियों का ब्योरा तैयार करें जिन्हें पहले पहल टीका लगाया जाएगा।
भारत तिब्बत सीमा पुलिस के मुखिया एस एस देसवाल ने पिछले महीने पीटीआई- से कहा था कि टीकाकरण अभियान में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
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