नयी दिल्ली, 21 मार्च लोकसभा ने शुक्रवार को अगले वित्त वर्ष के बजट में विभिन्न मंत्रालयों एवं विभागों के लिए बकाया अनुदान मांगों एवं उनसे संबंधित विनियोग विधेयक को ‘गिलोटिन’ के माध्यम से बिना चर्चा के मंजूरी प्रदान कर दी।
विभिन्न मंत्रालयों की अनुदान की बकाया मांगों को एक साथ बिना चर्चा के पारित कराने की प्रक्रिया ‘गिलोटिन’ कहलाती है।
इसके तहत सरकार को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भारत की संचित निधि से 47,41,250 करोड़ रुपये निकालने को अधिकृत किया गया है ताकि वह कार्यक्रमों एवं योजनाओं को लागू करने के लिए इसका उपयोग कर सके।
केंद्रीय बजट से संबंधित करीब 50 मंत्रालयों एवं विभागों से जुड़ी अनुदानों की बकाया मांगों को एक साथ बिना चर्चा कराए ‘‘गिलोटिन’’ के माध्यम से सदन की मंजूरी के लिए रखा गया।
सदन ने इस संबंध में कुछ सदस्यों के कटौती प्रस्तावों को नामंजूर करते हुए इसे ध्वनिमत से मंजूरी दे दी।
इस दौरान सदन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, सदन के उपनेता और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तथा गृह मंत्री अमित शाह मौजूद थे।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सदन में आगामी वित्त वर्ष में भारत की संचित निधि से नियत राशि के संदाय और विनियोग को प्राधिकृत करने के लिए विनियोग (संख्याक 3) विधेयक, 2025 सदन में रखा। सदन ने विनियोग विधेयक को भी ध्वनिमत से मंजूरी दे दी।
इस प्रक्रिया के साथ बजट पर सामान्य चर्चा और विभिन्न मंत्रालयों से संबंधित अनुदान मागों तथा तत्संबंधी विनियोग विधेयक को सदन की मंजूरी का चरण सम्पन्न हो गया है।
गौरतलब है कि इसके बाद वित्त विधेयक पारित होने के साथ बजट की प्रक्रिया संपन्न हो जाएगी।
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