नयी दिल्ली, 16 मार्च रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को लोकसभा में बताया कि विषाणुओं के खिलाफ दीर्घकालिक प्रभावी बचाव के कदम के तहत रेलगाड़ियों के 300 डिब्बों में प्रवेश द्वार सम्पूर्ण तांबे की परत और गलियारा क्षेत्र में हैंडल पर सूक्ष्मजीव रोधी तांबे की परत चढ़ायी गई है।
लोकसभा में भाजपा के राजदीन रॉय के पूरक प्रश्न के उत्तर में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने यह जानकारी दी। रॉय ने पूछा था कि क्या सरकार फरवरी 2021 की अमेरिकी पर्यावरण सुरक्षा एजेंसी की उस घोषणा से अवगत है कि मिश्र धातु कोविड-19 सहित विषाणुओं के खिलाफ दीर्घकालिक तौर पर प्रभावी होती हैं।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि रेल डिब्बा कारखाना कपूरथला द्वारा सूक्ष्मजीव रोधी तांबे की कोटिंग के साथ 300 सवारी डिब्बे मुहैया कराए गए हैं।
उन्होंने बताया कि इसमें प्रवेश द्वार पर संपूर्ण तांबे की कोटिंग तथा गलियारा क्षेत्र में तांबे की कोटिंग युक्त हैंडल की व्यवस्था की गई है।
वैष्णव ने बताया कि मौजूदा महामारी के दौरान संक्रमण के फैलाव को नियंत्रित करने के लिए सभी क्षेत्रीय रेलों को कीटाणु शोधन सहित सोडियम हाइपोक्लोराइट का उपयोग करने की सलाह दी गई है ।
उन्होंने बताया कि इसमें रेक्सिन कवर वाली सीटों, दरवाजे के हैंडल, शौचालय और शौचालय फिटिंग, कुंडी, पानी के नल आदि पर इनका प्रयोग शामिल है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY