नयी दिल्ली, 11 मई नगर निगम के अधिकारियों ने बुधवार को नजफगढ़, द्वारका, लोधी कॉलोनी और दक्षिणी दिल्ली के कई अन्य इलाकों में अतिक्रमण रोधी अभियान चलाया। शहर में अवैध निर्माण हटाने के लिए बुलडोजर चलते रहे और काम पर तैनात कर्मचारियों और पुलिस कर्मियों को कुछ स्थानों पर स्थानीय लोगों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा।
पूर्वी दिल्ली के महापौर श्याम सुंदर अग्रवाल ने बताया कि सीलमपुर में पुलिस बल की कमी के कारण पूर्वी दिल्ली नगर निगम द्वारा नियोजित अभियान बुधवार को शुरू नहीं हो सका।
एक दिन पहले ही दक्षिण दिल्ली नगर निगम ने न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में अवैध अस्थायी इमारतों को हटाने और कुछ दीवारों को गिराने के लिए एक अभियान चलाया था। उत्तर दिल्ली नगर निगम ने भी मंगोलपुरी इलाके में अतिक्रमण रोधी अभियान चलाया था।
बुधवार को निगम के अधिकारियों ने दक्षिणी दिल्ली के नजफगढ़ और पश्चिमी क्षेत्रों में नियोजित अतिक्रमण रोधी अभियान चलाया, जिसमें द्वारका, चौखंडी और आसपास के क्षेत्रों सहित विभिन्न स्थानों पर अस्थायी ढांचों को हटा दिया गया।
निगम द्वारा की गई कार्रवाई का स्थानीय निवासियों के एक वर्ग द्वारा विरोध किया गया जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर भी आए। एक वीडियो में देखा गया था कि जनकपुरी इलाके में एक व्यक्ति ने कड़ा विरोध जताते हुए कहा, ''हमें पहले नोटिस दिया जाना चाहिए था।''
उस व्यक्ति ने कहा, ''उन्हें (अतिक्रमण रोधी दल को) हमारे शवों के ऊपर से गुजरना होगा।’’ पुरुषों का एक समूह और कुछ पुलिसकर्मी उसके बगल में खड़े थे।
दक्षिण दिल्ली नगर निगम के पश्चिमी क्षेत्र की अध्यक्ष श्वेता सैनी ने कहा कि तिलक नगर के पास जनकपुरी और चौखंडी में भी अतिक्रमण रोधी अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ स्थानीय लोगों ने अभियान के खिलाफ जनकपुरी में विरोध प्रदर्शन किया।
सैनी ने ''पीटीआई-'' से कहा, ''विरोध के बावजूद अतिक्रमण रोधी अभियान चलाया गया। हमने केवल अस्थायी इमारतें और गुमटियां हटाई हैं। अतिक्रमण हटाना हमारा कर्तव्य है और हम उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेंगे।''
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