गुवाहाटी, चार अक्टूबर असम में बाल विवाह की समाजिक बुराई के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दूसरे चरण में 915 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) जी.पी. सिंह ने बुधवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने संवाददाताओं को बताया कि सोमवार शाम को अभियान का दूसरा चरण शुरू किया गया था और कुल 710 मामले पंजीकृत किए गए हैं।
डीजीपी ने बताया कि गिरफ्तार 915 लोगों में 546 पति, 353 रिश्तेदार और 16 विवाह कराने वाले हैं।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र में किए गए अध्ययन से खुलासा हुआ है कि इस साल फरवरी में पहले चरण के अभियान के बाद बाल विवाह के मामलों में उल्लेखनीय कमी आई है।
राज्य के शीर्ष पुलिस अधिकारी ने बताया कि बाल विवाह के खिलाफ अभियान के पहले चरण में कुल 4,515 मामले दर्ज किए गए थे और 3,483 लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
सिंह ने बताया कि पहले चरण में दर्ज कुल प्राथमिकी में से 95.5 मामलों में आरोप पत्र दाखिल किए जा चुके हैं।
बाल विवाह के खिलाफ राज्यव्यापी अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत के बाद मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने मंगलवार को कहा था कि 1,039 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और यह संख्या और बढ़ सकती है क्योंकि अभियान देर रात तक चलेगा।
आंकड़ों के मुताबिक सबसे अधिक 192 लोगों को धुबरी में गिरफ्तार किया गया है जबकि बारपेटा में 143, कामरूप में 50, करीमगंज में 47, हैलाकांडी में 40 और कछार जिले में 34 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
डीजीपी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने हमें राज्य में इस सामाजिक बुराई के पूरी तरह से खत्म होने तक अभियान जारी रखने का विशेष निर्देश दिया है।
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