देश की खबरें | लेफ्टिनेंट जनरल पी. एस. भगत की स्मृति में ‘चेयर ऑफ एक्सीलेंस’ स्थापित करने की घोषणा

नयी दिल्ली, 14 अक्टूबर सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने शुक्रवार को लेफ्टिनेंट जनरल पी. एस. भगत की याद में यूनाइटेड सर्विस इंस्टीट्यूशन ऑफ इंडिया (यूएसआई) में एक 'चेयर ऑफ एक्सीलेंस' स्थापित करने की घोषणा की।

लेफ्टिनेंट भगत पहले ऐसे भारतीय अधिकारी थे, जिन्हें द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान प्रतिष्ठित विक्टोरिया क्रॉस प्रदान किया गया था।

जनरल पांडे ने उन्हें ‘दुर्लभ शख्सियत’ के रूप में वर्णित किया, जिन्होंने ‘शारीरिक और नैतिक साहस’ की सर्वोच्च खूबी का प्रदर्शन किया।

सेना प्रमुख ने यह घोषणा यहां यूएसआई परिसर में आयोजित एक समारोह के दौरान की। इस समारोह में दो पूर्व सेना प्रमुख - जनरल (सेवानिवृत्त) एम एम नरवणे और जनरल (सेवानिवृत्त) वी पी मलिक तथा अन्य वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के अलावा और लेफ्टिनेंट जनरल भगत की बेटी अशाली वर्मा उपस्थित थे।

रक्षा थिंक-टैंक यूएसआई लेफ्टिनेंट जनरल पीएस भगत स्मारक व्याख्यान भी आयोजित करेगा और पहला व्याख्यान जनरल मलिक द्वारा दिया जाएगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इसके अलावा ‘चेयर ऑफ एक्सीलेंस’ संस्था के तहत एक प्रकाशन भी लाया जाएगा।

जनरल पांडे ने कार्यक्रम में अपने संबोधन में कहा, ‘‘सेनाएं अपने अतीत से प्रेरणा लेना जारी रखती हैं, उनके नायकों को सैन्य इतिहास में गौरव का स्थान प्राप्त होता है। और, इनमें से बहुत कुछ एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी को हस्तांतरित किया जाता है। हमारे नायकों की वीरता, प्रेरक नेतृत्व और पेशेवर प्रतिभा बेंचमार्क बन जाती है, जिन्हें हम हासिल करने की कोशिश करते हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘और, ऐसे ही एक ‘प्रतिष्ठित नेता’ लेफ्टिनेंट जनरल पीएस भगत थे।’’

सेना प्रमुख ने कहा, ‘‘एक दुर्लभ शख्सियत जो शारीरिक और नैतिक साहस के सर्वोच्च गुणों के प्रतीक थे। अपने सैन्य करियर के दौरान उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों ने पेशेवर उत्कृष्टता के नए प्रतिमान स्थापित किए हैं।’’

कुछ साल पहले लेफ्टिनेंट जनरल भगत के जीवन पर एक किताब - 'द विक्टोरिया क्रॉस: ए लव स्टोरी' लिखने वाली उनकी बेटी अशाली वर्मा ने कहा कि उनकी याद में यह 'चेयर ऑफ एक्सीलेंस' उनके पिता को सबसे अच्छा ‘जन्मदिन का उपहार’ है।

ले. जनरल भगत का जन्म अक्टूबर 1918 में हुआ था और 1941 में भारत के वायसराय लॉर्ड लिनलिथगो ने उन्हें विक्टोरिया क्रॉस से अलंकृत किया था।

अंग्रेजों द्वारा स्थापित विक्टोरिया क्रॉस वीरता के लिए सर्वोच्च अलंकरण है, जो दुश्मन के सामने अत्यधिक शौर्य के प्रदर्शन के लिए दिया जाता था।

द्वितीय विश्व युद्ध 1939-1945 के बीच हुआ था।

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