अर्जुन पुरस्कार की अनदेखी से खफा पंघाल ने रीजीजू से चयन प्रक्रिया बदलने का आग्रह किया
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नयी दिल्ली, 15 मई एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता मुक्केबाज अमित पंघाल ने शुक्रवार को खेल मंत्री कीरेन रीजीजू से राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों के लिये चयन प्रक्रिया बदलने का अनुरोध किया और मौजूदा तरीके को ‘भेदभावपूर्ण’ करार दिया।

वर्ष 2012 में ‘अनजाने’ में हुए डोप अपराध के लिये लगातार अर्जुन पुरस्कार के लिये उनकी अनदेखी होती रही है।

मंत्री को लिखे पत्र में पंघाल ने कहा कि खिलाड़ियों को खुद का नामांकन कर आवेदन नहीं करना चाहिए।

पिछले साल विश्व चैम्पियनशिप का रजत पदक जीतने वाले भारत के पहले पुरूष मुक्केबाज बने पंघाल ने पत्र में कहा, ‘‘मौजूदा प्रक्रिया में एक खिलाड़ी को आवेदन भेजना होता है और फिर खेल समिति इन आवेदनों के आधार पर चयन करती है। पुरस्कार चयन में खेल समिति के सदस्यों द्वारा भेदभावपूर्ण फैसले होते हैं जिनकी कोई जवाबदेही नहीं है। ’’

पंघाल दो बार अर्जुन पुरस्कार के लिये नामांकित किये जा चुके हैं लेकिन पूर्व के डोप उल्लंघन के कारण उनके नाम पर विचार नहीं किया गया। उन्होंने 2012 में चेचक के उपचार के लिये दवाई ली थी।

इस साल राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों को चुनने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और नामांकन भरने की अंतिम तारीख तीन जून है।

पंघाल ने पीटीआई- से बात करते हुए कहा, ‘‘खेल मंत्रालय और भारतीय खेल प्राधिकरण के पास सारे रिकार्ड हैं, वे जानते हैं कि कौन हकदार है और कौन नहीं। ’’

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