मुंबई, पांच दिसंबर अफ्रीकी देश अंगोला ने भारतीय कंपनियों को हीरा खनन और प्रसंस्करण में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया है। एक बयान में शनिवार को यह जानकारी दी गई।
अंगोला अफ्रीका में हीरे का तीसरा सबसे बड़ा उत्पादक है और इसने देश में हीरे से समृद्ध क्षेत्र के केवल 40 प्रतिशत हिस्से में ही खोज की है, लेकिन उसे विदेशी निवेश आकर्षित करने में कठिनाई का सामना करना पड़ा है।
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भारतीय रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद (जीजेईपीसी) ने एक बयान में अंगोला में भारत की राजदूत प्रतिभा पारकर के हवाले से कहा, ‘‘अंगोला को भारतीय कंपनियों से प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की तलाश है, ताकि देश में हीरा खनन की संभावनाओं को मूर्त रूप दिया जा सके।’’
पारकर ने आगे कहा कि अंगोला तेल निर्यात पर अपनी निर्भरता को कम करना चाहता है और वह अन्य खंडों में निर्यात बढ़ाने का इच्छुक है।
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अंगोला की राष्ट्रीय हीरा व्यापार कंपनी सोडिअम के फर्नांडो अमरल ने कहा कि नई हीरा नीति के तहत स्थलों और निविदाओं के जरिए बिक्री की अनुमति दी गई है।
उन्होंने कहा कि स्थल अनुबंध सिर्फ दो वर्षों के लिए होगा। अंगोला हीरा उत्पादन 90 लाख कैरेट प्रतिवर्ष से बढ़ाकर 2022 तक 1.5 करोड़ कैरेट करना चाहता है। हम भारतीय कंपनियों को अंगोला में निवेश करने और स्थानीय स्तर पर हीरे को तराशने तथा पॉलिश करने के लिए आमंत्रित करते हैं।
अंगोला और भारत के बीच हीरा व्यापार संबंधों को बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार, जीजेईपीसी और अंगोला के प्रतिनिधियों ने मिलकर ‘इंडिया ग्लोबल कनेक्ट’ का आयोजन किया था।
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