विदेश की खबरें | फ्रांसीसी प्रदर्शनकारियों के टीका की तुलना नाजी भयावहता से करने को लेकर गुस्सा

सरकार के टीकाकरण नियमों के खिलाफ एक लाख से अधिक लोगों ने शनिवार को फ्रांस में मार्च निकाला और कुछ प्रदर्शनकारी पीले स्टार लगाए हुए थे जिसे कभी नाजियों द्वारा यहूदियों को पहनने के लिए बाध्य किया जाता था।

कुछ अन्य प्रदर्शनकारियों ने हाथ में तख्तियां ली हुई थीं जो ऑश्विच यातना शिविर या दक्षिण अफ्रीका की रंगभेद नीति वाले शासन को दर्शा रही थीं। उनका दावा था कि फ्रांस की सरकार महामारी रोधी उपायों में उनके साथ अनुचित व्यवहार कर रही है।

होलोकास्ट में बच निकलने वाले जोसेफ स्वार्क ने रविवार को एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘आप सोच नहीं सकते कि इससे मुझे कितनी निराशा हुई है। यह तुलना नफरत से भरी है। हम सबको इस कलंक के खिलाफ उठा खड़ा होना चाहिए था।’’

स्वार्क ने आंखों में आंसू लिए हुए कहा, ‘‘मैंने स्टार पहना था, मुझे पता है कि यह क्या था, यह अब भी मेरे अंदर है। यह हर किसी का कर्तव्य है कि इस तरह के अपमानजनक, नस्लवादी, यहूदी विरोधी भावनाओं को अपने ऊपर हावी नहीं होने दें।’’

कार्यक्रम में शामिल होने वाले फ्रांस के सेना मामलों के राज्यमंत्री ने प्रदर्शनकारियों के कृत्य को ‘‘असहनीय और अपने लोकतंत्र के लिए खराब करार दिया।’’

सरकार सोमवार को एक विधेयक ला रही है जिसमें सभी स्वास्थ्य कर्मियों को कोरोना वायरस का टीका लगवाना होगा और रेस्तरां एवं अन्य स्थानों पर जाने के लिए कोविड-19 पास की जरूरत होगी।

पेरिस में शनिवार को टीका नियमों के खिलाफ एक बड़े प्रदर्शन में एक प्रदर्शनकारी ने अपनी पीठ पर एक स्टार लगाया था और लिखा था, ‘‘टीका नहीं लगवाया।’’

एक अन्य प्रदर्शनकारी 53 वर्षीय ब्रूनो ऑकियर ने कहा, ‘‘मैं कभी टीका नहीं लगवाऊंगा। लोगों को जागने की जरूरत है।’’

फ्रांस में महामारी के कारण एक लाख 11 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और संक्रमण के नए मामलों की संख्या फिर बढ़ रही है।

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