अमरावती (आंध्र प्रदेश), 16 जून आंध्र प्रदेश सरकार ने मंगलवार को राज्य का 2020- 21 के लिये 2.24 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया। पिछले साल के मुकाबले यह 1.4 प्रतिशत कम है।
बजट में राजस्व घाटा 18,434 करोड़ रुपये और राजकोषीय घाटा 48,295 करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया गया है।
राज्य के वित्त मंत्री बुगाना राजेन्द्रनाथ ने राज्य विधानसभा के संक्षिप्त सत्र के पहले दिन बजट पेश करते हुए कहा कि कोविड- 19 की वजह से आर्थिक सुस्ती के चलते बजट अनुमान में 1.4 प्रतिशत की गिरावट अनुमानित है।
उन्होंने बताया कि मार्च 2020 की समाप्ति पर राज्य का रिण बोझ बढ़कर 3.02 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया जो कि एक साल पहले इसी माह के दौरान 2.59 लाख करोड़ रुपये था। अब चालू वित्त वर्ष के दौरान राज्य का कुल रिण बोझ और बढ़कर 3.48 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच जाने का अनुमान है।
समाप्त वित्त वर्ष 2019- 20 के दौरान राज्य की राजस्व प्राप्ति बजट अनुमान से 68,000 करोड़ रुपये कम रही है। वर्ष के संशोधित अनुमान में राजस्व प्राप्ति 1.10 लाख करोड़ रुपये ही रही है जबकि बजट अनुमान 1.78 लाख करोड़ रुपये का लगाया गया था।
चालू वित्त वर्ष 2020- 21 के दौरान वित्त मंत्री ने राजस्व प्राप्ति 1.61 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया है। वर्ष के दौरान कुल खर्च 2.24 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। इसमें राजस्व व्यय 1.80 लाख करोड़ रुपये और कर्ज भुगतान सहित पूंजी व्यय 44,396 करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया गया है।
उन्होंने कहा, ‘‘राज्य की सरकार के लिये आंध्र प्रदेश के व्यापक विकास और मानव संसाधन के मामले में राज्य को शीर्ष स्तर पर पहुंचाना के अतिरिक्त और कुछ भी महत्वपूर्ण नहीं है।’’
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