वाणिज्य विभाग ने जून तिमाही के लिए अर्थव्यवस्था का दूसरा अनुमान जारी करते हुए कहा कि यह शुरुआती अनुमान से कुछ कम है। इसके बावजूद यह दर जनवरी-मार्च तिमाही में रही दो प्रतिशत की वृद्धि दर से अधिक है।
दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अमेरिका में मुद्रास्फीति पर काबू पाने के लिए फेडरल रिजर्व पिछले डेढ़ साल से नीतिगत दरों में बढ़ोतरी का रुख अपनाए हुए है। इसकी वजह से आर्थिक गतिविधियों की रफ्तार धीमी पड़ी है।
कंपनियों और आम लोगों को कर्ज की लागत बढ़ने के बावजूद अमेरिकी अर्थव्यवस्था ने जुझारूपन दिखाया है। इस दौरान न सिर्फ आर्थिक गतिविधियां बढ़ी हैं बल्कि उपभोक्ता खर्च कर रहे हैं और नियोक्ता नई भर्तियां कर रहे हैं।
इस बीच, राष्ट्रपति जो बाइडन की अगुवाई वाली सरकार 36 लाख अमेरिकी कामगारों को ‘ओवरटाइम’ के लिए भुगतान करने की व्यवस्था लाने जा रही है। यह नियम लागू होने पर नियोक्ता 55,000 डॉलर से कम की वार्षिक आय वाले कामगारों को ‘ओवरटाइम’ के भुगतान के लिए बाध्य होंगे।
अभी ‘ओवरटाइम’ भुगतान का लाभ 35,568 डॉलर की सालाना आय वाले कर्मचारियों को ही मिलता है। हालांकि नए नियम में यह प्रावधान होगा कि हर साल इस आय की ऊपरी सीमा अपने-आप बढ़ जाएगी।
एपी प्रेम
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