विदेश की खबरें | अमेरिका: व्हाइट हाउस ने संघीय खर्च पर रोक लगाने संबंधी ज्ञापन वापस लिया
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

इस ज्ञापन के कारण देश भर में दो दिन के अंदर ही भ्रम की स्थितियां पैदा हो गईं थीं।

प्रबंधन एवं बजट कार्यालय द्वारा सोमवार को जारी किए गए इस ज्ञापन ने उन प्रांतों, स्कूलों और संगठनों को चिंतित कर दिया जो वाशिंगटन से मिलने वाले खरबों डॉलर पर निर्भर हैं।

प्रशासन के अधिकारियों ने कहा कि ऋण और अनुदान को रोकने का निर्णय यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक था कि खर्च ट्रंप के हालिया कार्यकारी आदेशों के अनुरूप हो रहे हैं, जिसमें जलवायु परिवर्तन और विविधता, समानता एवं समावेशन कार्यक्रमों जैसे मुद्दे शामिल हैं।

लेकिन बुधवार को उन्होंने मूल ज्ञापन को रद्द करते हुए दो वाक्यों का नोटिस भेजा।

प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि भ्रम के बावजूद, ज्ञापन का अपेक्षित प्रभाव पड़ा है, क्योंकि इससे यह स्पष्ट हो गया है कि संघीय एजेंसियों पर ट्रंप के कार्यकारी आदेशों का पालन करने का दायित्व है।

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा, ‘‘वित्त पोषण समीक्षा को लेकर राष्ट्रपति द्वारा जारी कार्यकारी आदेश पूरी तरह लागू रहेंगे और सभी एजेंसियों एवं विभागों को सख्ती से उनका पालन करना होगा।’’

उन्होंने इस भ्रम के लिए प्रशासन को नहीं, बल्कि अदालतों और समाचार संस्थानों को जिम्मेदार ठहराया।

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