वाशिंगटन, 30 अगस्त अमेरिका ने पाकिस्तान में ‘‘समय पर’’ और ‘‘स्वतंत्र व निष्पक्ष’’ चुनाव कराने के महत्व को रेखांकित किया है, क्योंकि नकदी की संकट से जूझ रहे मुल्क में चुनाव अगले साल के लिए टाले जाने की संभावना नजर आ रही है।
अमेरिकी विदेश विभाग ने मंगलवार को एक प्रेस बयान जारी कर कहा कि कार्यवाहक उप विदेश मंत्री विक्टोरिया नूलैंड ने पाकिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री जलील अब्बास जिलानी के साथ टेलीफोन पर बातचीत की।
बयान में कहा गया है कि मंगलवार को हुई इस बातचीत में नूलैंड ने जिलानी को विदेश मंत्री नियुक्त किये जाने के लिये बधाई दी और परस्पर चिंता के मुद्दों पर अमेरिका-पाकिस्तान साझेदारी को व्यापक व मजबूत बनाने पर चर्चा की।
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने बताया कि दोनों नेताओं के बीच पाकिस्तान की आर्थिक स्थिरता, समृद्धि और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के साथ निरंतर जुड़ाव से संबंधित विषयों पर भी चर्चा हुयी।
मिलर ने बताया कि नूलैंड और जिलानी ने पाकिस्तान में समय पर और स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनावों के महत्व पर भी चर्चा की।
पाकिस्तान में समय से पहले नौ अगस्त को नेशनल असेंबली को भंग किये जाने के 90 दिनों के भीतर आम चुनाव कराये जाने की जरूरत है।
हालांकि, 90 दिनों के भीतर कराये जाने वाले इन चुनावों में देरी होने की संभावना है क्योंकि सरकार ने घोषणा की है कि चुनाव नई जनगणना पूरी होने तथा निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन के बाद ही हो सकते हैं।
इस कवायद को पूरा करने में लगभग चार महीने का समय लग सकता है, जिसका मतलब है कि देश में होने वाले आम चुनाव में देरी हो सकती है ।
अमेरिका हाल में पाकिस्तान के राजनीतिक घटनाक्रम पर टिप्पणी करने में काफी सक्रिय रहा है।
इस महीने की शुरूआत में पाकिस्तान के कार्यवाहक प्रधानमंत्री अनवार-उल-हक काकड़ ने अमेरिका को देश में स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया का पालन किये जाने का आश्वासन दिया था, इसके जवाब में अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने बधाई देते हुये एक ट्वीट किया था।
पाकिस्तान का कार्यवाहक प्रधानमंत्री बनने के लिए काकड़ को बधाई देते हुए, ब्लिंकन ने ट्वीट किया, ‘‘जैसा कि पाकिस्तान अपने संविधान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अनुसार स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव कराने की तैयारी कर रहा है, हम आर्थिक समृद्धि के लिए अपनी साझा प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाना जारी रखेंगे।’’
इससे पहले भी नकदी संकट से जूझ रहे पाकिस्तान के आईएमएफ के साथ एक अतिरिक्त समझौता करने के बाद ब्लिंकन ने एक बयान जारी किया था।
जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान अमेरिका पर उनकी सरकार को गिराने की साजिश रचने का आरोप लगाते रहे हैं। पिछले साल अप्रैल में अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के बाद खान (70) को प्रधानमंत्री का पद गंवाना पड़ गया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि उनकी स्वतंत्र विदेश नीति के कारण अमेरिका ने उन्हें निशाना बनाया है।
इस्लामाबाद की एक निचली अदालत ने तोशाखाना भ्रष्टाचार मामले में पांच अगस्त को खान को दोषी ठहराया और तीन साल के जेल की सजा सुनाई। मंगलवार को इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने खान की तीन साल की सजा को निलंबित कर दिया था। हालांकि, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के प्रमुख अटक जेल में हैं और तोशाखाना मामले में अपनी दोषसिद्धि तथा अयाग्यता के कारण चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य हैं।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY