नयी दिल्ली, आठ नवंबर आंबेडकर विश्वविद्यालय दिल्ली (एयूडी) ने गैर-शिक्षण कर्मचारियों के नियमितीकरण से संबंधित अनियमितताओं में कथित संलिप्तता को लेकर दो प्राध्यापकों को सेवा से हटा दिया है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि यह निर्णय एक जांच के निष्कर्षों के आधार पर लिया गया, जिसमें 2019 में गैर-शिक्षण पदों को नियमित करने की नीति के तहत हुई अनधिकृत नियुक्तियों का खुलासा किया गया था।
शुक्रवार को जारी एक बयान में, विश्वविद्यालय ने कहा कि उच्च शिक्षा निदेशालय द्वारा शुरू की गई जांच में कई अनियमितताएं सामने आईं, जिसके बाद एयूडी के प्रबंधन बोर्ड (बीओएम) ने एक जांच समिति गठित की थी।
बयान में कहा गया, ‘‘जांच रिपोर्ट, लिखित अभ्यावेदन और सतर्कता प्रभाग से प्राप्त सूचनाओं पर सावधानीपूर्वक विचार करने के बाद, बोर्ड ने दोनों प्राध्यापकों को तत्काल प्रभाव से सेवा से हटाने का निर्णय लिया।’’
यह मामला 2019 में प्रशासनिक पदों पर आसीन प्राध्यापकों द्वारा गैर-शिक्षण कर्मचारियों की अवैध नियुक्ति के लिए पद के कथित दुरुपयोग से संबंधित है।
इस बीच, कई छात्र संगठनों ने एयूडी परिसर में, दोनों प्राध्यापकों की बहाली की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।
विश्वविद्यालय के फैसले की आलोचना करते हुए प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि प्राध्यापकों को गलत तरीके से निशाना बनाया जा रहा है और उन्होंने जांच प्रक्रिया की पारदर्शी समीक्षा की मांग की।
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