देश की खबरें | गिरजाघर में कथित तोड़फोड़, पुलिस अधीक्षक घायल

नारायणपुर, दो जनवरी छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में सोमवार को आदिवासियों के विरोध प्रदर्शन के दौरान एक गिरजाघर में कथित रूप से तोड़फोड़ की गई। इस घटना में भारतीय पुलिस सेवा के एक अधिकारी समेत लगभग छह पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि नारायणपुर जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) सदानंद कुमार दोपहर में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान सिर में चोट लगने से घायल हो गए हैं। उन्होंने बताया कि विरोध के हिंसक हो जाने के बाद नारायणपुर शहर में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।

बस्तर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने बताया कि आज नारायणपुर जिले में एक सामाजिक बैठक रखी गयी थी जिसमें रूपसाय सलाम, नारायण मरकाम और अन्य लोगों के नेतृत्व में लगभग दो हजार की संख्या में लोग एकत्रित होकर सामाजिक विषयों पर चर्चा कर रहे थे।

सुंदरराज ने बताया कि बैठक के बाद भीड़ अलग-अलग समूहों में बंट गई और लाठी-डण्डा लेकर समूह स्कूल परिसर में स्थित चर्च को क्षति पहुंचाने के लिए शहर की ओर बढ़ने लगे। पुलिस अधिकारी के अनुसार इस दौरान पुलिस और जिला प्रशासन के दल ने उन्हें समझाने की कोशिश की लेकिन भीड़ में से कुछ उपद्रवी तत्वों ने तोड़फोड़ और पथराव कर दिया, साथ ही ड्यूटी में तैनात सुरक्षा बल के ऊपर भी हमला कर दिया।

पुलिस महानिरीक्षक ने बताया कि इस घटना में नारायणपुर जिले के पुलिस अधीक्षक और पांच-छह पुलिस जवानों को चोटें लगीं। उनके अनुसार प्राथमिक इलाज के बाद घायल पुलिस अधिकारी और जवानों की स्थिति सामान्य है तथा स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल लगाया गया है।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि घटना के संबंध में संबंध में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

घटनास्थल के संबंध में जारी वीडियो में प्रदर्शनकारियों को स्कूल परिसर में स्थित गिरजाघर में तोड़फोड़ करते देखा जा सकता है। नारायणपुर जिले के जिलाधिकारी अजीत वसंत ने संवाददाताओं को बताया कि इलाके में कथित धर्मांतरण के विरोध में एक समुदाय के लोगों ने बैठक की थी।

वसंत के अनुसार उनके नेताओं ने आश्वासन दिया था कि बैठक शांतिपूर्ण होगी लेकिन वह हिंसक हो गई।

नारायणपुर जिले के पुलिस अधीक्षक सदानंद कुमार ने अस्पताल में संवाददाताओं को बताया कि जब प्रदर्शनकारी आज दोपहर विश्व दीप्ति क्रिश्चियन स्कूल के करीब पहुंचे, तब वह स्कूल परिसर में स्थित एक गिरजाघर की ओर बढ़ने की कोशिश करने लगे।

कुमार ने बताया, ''जब मुझे इसकी जानकारी मिली तब मैं अन्य अधिकारियों के साथ वहां पहुंचा और आंदोलनकारियों को शांत करने की कोशिश की। वे शांत भी हो गए थे और वापस लौटने वाले थे, लेकिन अचानक किसी ने पीछे से मेरे सिर पर डंडा मारा, जिससे मैं घायल हो गया।''

जिले के अधिकारियों ने बताया कि रविवार को जिले के एडका गांव में दो समुदायों के बीच झड़प हो गई थी जिसके विरोध में आज आदिवासियों ने प्रदर्शन किया था।

पिछले महीने ईसाई समुदाय के लोगों ने अपने ऊपर हुए कथित अत्याचार के खिलाफ नारायणपुर जिले के कलेक्टर कार्यालय के सामने धरना दिया था। आदिवासी बहुल जिले के कम से कम 14 गांवों के प्रदर्शनकारियों ने दावा किया था कि ईसाई धर्म का पालन करने के कारण उन पर कथित रूप से हमला किया गया और उन्हें उनके घरों से निकाल दिया गया। उन्होंने इस मामले में प्रशासन द्वारा कार्रवाई की मांग की थी।

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