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देश की खबरें | मालेगांव विस्फोट के आरोपी को फंसाने के आरोप पर बीच में फैसला नहीं किया जा सकता: अदालत

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की एक विशेष अदालत ने यहां कहा कि 2008 के मालेगांव बम विस्फोट मामले में एक आरोपी के घर पर विस्फोटक रखने के आरोप पर फैसला सुनवाई के बीच में नहीं किया जा सकता।

देश की खबरें | मालेगांव विस्फोट के आरोपी को फंसाने के आरोप पर बीच में फैसला नहीं किया जा सकता: अदालत

मुंबई, तीन अगस्त राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की एक विशेष अदालत ने यहां कहा कि 2008 के मालेगांव बम विस्फोट मामले में एक आरोपी के घर पर विस्फोटक रखने के आरोप पर फैसला सुनवाई के बीच में नहीं किया जा सकता।

अदालत ने आरोपी समीर कुलकर्णी की अर्जी का निपटारा करते हुए यह टिप्पणी की। अर्जी में महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) के एक पूर्व अधिकारी के खिलाफ सह-आरोपी सुधाकर चतुर्वेदी को कथित तौर पर फंसाने और अपने अधिकार क्षेत्र का दुरुपयोग करने को लेकर कार्रवाई का अनुरोध किया गया था।

विशेष न्यायाधीश ए. के. लाहोटी ने एक अगस्त को याचिका का निपटारा करते हुए कहा कि आरोपी द्वारा उठाई गई दलीलें विचाराधीन हैं और अंतिम सुनवाई के समय उन्हें इंगित किया जा सकता है। विस्तृत आदेश बृहस्पतिवार को उपलब्ध हुआ।

कुलकर्णी ने इस साल जून में एक अधिकारी के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए अदालत के समक्ष आवेदन दायर किया था। अर्जी में कहा गया था कि यह अधिकारी एटीएस टीम में शामिल था और उन्होंने मामले की शुरुआत में जांच की थी और लगभग 14 साल पुराने मामले में सह-आरोपी चतुर्वेदी को कथित तौर पर झूठा फंसाया था।

कुलकर्णी ने दावा किया कि दो गवाहों ने गवाही दी थी कि उन्होंने अधिकारी को तीन नवंबर, 2008 को विस्फोट के एक महीने से अधिक समय बाद चतुर्वेदी के घर पर देखा था जो यह दर्शाता है कि एटीएस के पूर्व अधिकारी ने अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग किया और एक गंभीर अपराध किया।

उन्होंने यह भी दलील दी कि एनआईए द्वारा दायर आरोपपत्र से स्पष्ट रूप से पता चलता है कि एटीएस अधिकारी ने अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग किया था और आरडीएक्स लगाया था।

महाराष्ट्र एटीएस ने आरोप लगाया कि बम को चतुर्वेदी के आवास पर लगाया गया था, जहां उसे आरडीएक्स के निशान मिले थे।

एनआईए ने बाद में मामले को अपने हाथ में ले लिया और एक पूरक आरोपपत्र दायर किया, जिसमें कहा गया कि एटीएस के एक पूर्व अधिकारी ने एक आरोपी के घर में सबूत लगाए थे।

संबंधित अधिकारी ने हालांकि अदालत के समक्ष अपने बयान के दौरान इन आरोपों से इनकार किया कि उसने चतुर्वेदी के घर पर आरडीएक्स लगाया था।

विशेष एनआईए अदालत द्वारा लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद प्रज्ञा ठाकुर और पांच अन्य आरोपियों के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों, आपराधिक साजिश और हत्या सहित अन्य आरोपों के आरोप तय करने के बाद 2018 में मामले की सुनवाई शुरू हुई।

मुंबई से लगभग 200 किलोमीटर दूर उत्तरी महाराष्ट्र के मालेगांव शहर में 29 सितंबर, 2008 को एक मस्जिद के निकट एक मोटरसाइकिल में लगाए गए विस्फोटक में विस्फोट होने से छह लोगों की मौत हो गई थी और 100 से अधिक घायल हो गए थे।

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(The above story first appeared on LatestLY on Aug 04, 2023 12:10 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).