चलते हुई देरी और मौलिक अधिकारों की रक्षा को देखते हुए न्यायालय की सभी
पीठ 20 से 22 मई तक जमानत और अग्रिम जमानत याचिकाओं पर सुनवाई करेंगी।
उच्च न्यायालय के महापंजीयक ने यह जानकारी शनिवार को एड्वोकेट एसोसिएशन को दी।
उन्होंने बताया, ‘‘झारखंड उच्च न्यायालय में 20 से 22 मई तक सभी पीठों
में जमानत और अग्रिम जमानत याचिकाओं पर सुनवाई की जाएगी। जिन वकीलों के
पास वीडियोकांफ्रेसिंग से जुड़ने की सुविधा नहीं है उनके लिए उच्च
न्यायालय में जगह बनाये गये हैं। उच्च न्यायालय परिसर में बनाए गए इन आठ प्रकोष्ठों में जाकर वकील ऑन लाइन सुनवाई में शामिल हो पाएंगे।
यदि किसी कारणवश कोई वकील मामले की सुनवाई में अनुपस्थित रहते हैं
तो उस मामले में उच्च न्यायालय की ओर से कोई प्रतिकूल आदेश पारित नहीं
किया जाएगा। उस मामले को दूसरी तिथि के लिए सूचीबद्ध कर दिया जाएगा।
उच्च न्यायालय परिसर में जिन वकीलों की फाइल उनके चैंबर में बंद हैं
उनके लिए फाइलें ले जाने की व्यवस्था भी की गयी है।
नयी व्यवस्था के तहत 18 मई को दोपहर 12 से दो बजे तक वकील अपने चैंबर
से फाइल घर ले जा सकते हैं। इसके लिए चैंबर बिल्डिंग का गेट खोल दिया
जाएगा। वकीलों को उचित दूरी और कोरोना संक्रमण से बचाव के सभी
एहतियात बरतने होंगे।
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