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जरुरी जानकारी | खाद्य तेलों का आयात बढ़ने संबंधी अटकलों से सभी तेल तिलहनों में गिरावट

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. अगले महीने सोयाबीन डीगम और सूरजमुखी तेल का आयात बढ़ने संबंधी अटकलों के चलते देश के थोक तेल-तिलहन बाजार में शुक्रवार को सभी खाद्यतेलों के दाम में गिरावट देखी गई।

जरुरी जानकारी | खाद्य तेलों का आयात बढ़ने संबंधी अटकलों से सभी तेल तिलहनों में गिरावट

नयी दिल्ली, 15 मार्च अगले महीने सोयाबीन डीगम और सूरजमुखी तेल का आयात बढ़ने संबंधी अटकलों के चलते देश के थोक तेल-तिलहन बाजार में शुक्रवार को सभी खाद्यतेलों के दाम में गिरावट देखी गई।

आयात बढ़ने की संभावनाएं जताए जाने से पूरी बाजार धारणा प्रभावित हुई तथा सरसों, मूंगफली, सोयाबीन तेल-तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तथा बिनौला तेल के भाव गिरावट के साथ बंद हुए।

शिकॉगो एक्सचेंज में मामूली गिरावट है लेकिन इस गिरावट का कोई खास असर स्थानीय बाजार पर नहीं है। मलेशिया एक्सचेंज बगैर किसी घट-बढ़ के बंद हुआ।

बाजार सूत्र ने कहा, "होली की लंबी छुट्टी से पहले सरसों फसल की बढ़ती आवक के बीच निजी हित साधने वाले कुछ तत्वों ने सरसों का दाम तोड़ने के मकसद से अगले महीने सोयाबीन डीगम और सूरजमुखी तेल का आयात बढ़ने की बातें शुरू कर दीं। इससे सरसों के साथ बाकी तेल तिलहन भी दबाव में आ गये और कीमतें गिरावट के साथ बंद हुईं।"

कारोबारी सूत्रों के मुताबिक, सरसों पहले ही न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से 10-12 प्रतिशत नीचे बिक रहा है। आज मंडियों में सरसों की लगभग 14.25 लाख बोरी की रिकॉर्ड आवक हुई। होली के मौके पर मंडियों में चार-पांच दिन कारोबार नहीं होगा।

सूत्रों ने कहा कि सोयाबीन डीगम और सूरजमुखी तेल का आयात बढ़ने संबंधी बयानबाजी से सरसों किसान हतोत्साहित होकर अपनी ऊपज औने पौने दाम में बेच दें, बयानबाजी का संभवत: यही असली मकसद है। पहले वायदा कारोबार के जरिये फसल आने के समय दाम तोड़े जाते थे, अब हाजिर कारोबार में अफवाहों का सहारा लिया जा रहा है।

सूत्रों ने कहा कि ऊंचे दाम पर लिवाली प्रभावित रहने तथा गिरावट की आम धारणा के बीच मूंगफली तेल तिलहन के दाम में गिरावट आई। इसी कारण सोयाबीन तेल तिलहन के दाम भी टूट गये। गिरावट के माहौल के बीच सीपीओ, पामोलीन और बिनौला तेल कीमतों में भी गिरावट देखी गई।

तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन - 5,450-5,490 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली - 6,125-6,400 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 15,000 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल 2,250-2,525 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 10,400 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 1,755-1,855 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 1,755 -1,860 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी - 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 11,100 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 10,850 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 9,600 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 9,200 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 9,600 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 10,600 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 9,700 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना - 4,635-4,655 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 4,435-4,475 रुपये प्रति क्विंटल।

मक्का खल (सरिस्का)- 4,075 रुपये प्रति क्विंटल।

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(The above story first appeared on LatestLY on Mar 15, 2024 08:06 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).