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जरुरी जानकारी | विदेशी बाजारों में सोयाबीन डीगम का दाम सुधरने से बीते सप्ताह सभी तेल-तिलहन कीमतों में सुधार

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. बीते सप्ताह विदेशों में सोयाबीन डीगम तेल के दाम में लगभग 70-80 डॉलर टन की तेजी आने के बाद बीते सप्ताह देश के तेल-तिलहन बाजारों में लगभग सभी खाद्य तेलों के दाम में सुधार देखने को मिला। इसके चलते सरसों, मूंगफली, सोयाबीन तेल-तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तथा बिनौला तेल के दाम मजबूती दर्शाते बंद हुए।

जरुरी जानकारी | विदेशी बाजारों में सोयाबीन डीगम का दाम सुधरने से बीते सप्ताह सभी तेल-तिलहन कीमतों में सुधार

नयी दिल्ली, 12 मई बीते सप्ताह विदेशों में सोयाबीन डीगम तेल के दाम में लगभग 70-80 डॉलर टन की तेजी आने के बाद बीते सप्ताह देश के तेल-तिलहन बाजारों में लगभग सभी खाद्य तेलों के दाम में सुधार देखने को मिला। इसके चलते सरसों, मूंगफली, सोयाबीन तेल-तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तथा बिनौला तेल के दाम मजबूती दर्शाते बंद हुए।

बाजार के जानकार सूत्रों ने कहा कि विदेशों में सोयाबीन डीगम तेल का दाम पहले के 915-920 डॉलर प्रति टन से बढ़कर 990-1,000 डॉलर प्रति टन हो गया। इस तेजी के मद्देनजर बाकी सभी तेल-तिलहनों के दाम भी मजबूत हो गये।

उन्होंने कहा कि बीते सप्ताह सटोरियों के सरसों के दाम तोड़ने के प्रयास के तहत मंडियों में सरसों की भारी आवक होने और विदेशों से खाद्य तेलों का आयात बढ़ने जैसी अफवाहों पर किसानों ने विशेष ध्यान नहीं दिया। उन्हें उम्मीद है कि सरकार इस दिशा में कोई ऐसा कदम उठायेगी जिससे देशी तेल-तिलहनों के बाजार में खपने का माहौल बनेगा। इस उम्मीद में खासकर बड़े किसान अपनी फसलों को बाजार में रोक-रोक कर ला रहे हैं।

सूत्रों ने कहा कि मौजूदा स्थिति में सरसों, मूंगफली अपने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से नीचे दाम पर बिकना जारी है। देश को तेल-तिलहन के मामले में आत्मनिर्भरता की ओर ले जाने और किसानों का मनोबल बढ़ाने के लिए इस स्थिति को बदलना आवश्यक है। बड़े ब्रांड वाली कंपनियों के पास सरसों का स्टॉक नहीं रह गया है। इसके अलावा बिनौला की उपलब्धता नगण्य है और किसान सोयाबीन की बिक्री भी कम दाम पर करने से बच रहे हैं।

बीते सप्ताह सरसों दाने का थोक भाव 195 रुपये के सुधार के साथ 5,535-5,585 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। सरसों दादरी तेल का भाव 325 रुपये बढ़कर 10,450 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। सरसों पक्की और कच्ची घानी तेल का भाव क्रमश: 55-55 रुपये की तेजी के साथ क्रमश: 1,785-1,885 रुपये और 1,785-1,900 रुपये टिन (15 किलो) पर बंद हुआ।

समीक्षाधीन सप्ताह में सोयाबीन दाने और लूज का भाव भी क्रमश: 35-35 रुपये की तेजी के साथ क्रमश: 4,885-4,905 रुपये प्रति क्विंटल और 4,685-4,725 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।

इसी तरह सोयाबीन दिल्ली, सोयाबीन इंदौर और सोयाबीन डीगम तेल का भाव क्रमश: 250 रुपये, 225 रुपये और 230 रुपये के सुधार के साथ क्रमश: 10,000 रुपये और 9,750 रुपये और 8,350 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।

समीक्षाधीन सप्ताह में मूंगफली तेल-तिलहन में भी तेजी रही। मूंगफली तिलहन का दाम 100 रुपये की तेजी के साथ 6,150-6,425 रुपये क्विंटल पर बंद हुआ। मूंगफली गुजरात और मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल के भाव भी क्रमश: 325 रुपये और 50 रुपये की तेजी के साथ क्रमश: 14,850 रुपये क्विंटल और 2,250-2,515 रुपये प्रति टिन पर बंद हुए।

समीक्षाधीन सप्ताह में कच्चा पाम तेल (सीपीओ) 150 रुपये की तेजी के साथ 8,750 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। पामोलीन दिल्ली का भाव 175 रुपये की तेजी के साथ 9,875 रुपये प्रति क्विंटल तथा पामोलीन एक्स कांडला तेल का भाव 200 रुपये की तेजी के साथ 9,000 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।

गिरावट के आम रुख के अनुरूप बिनौला 100 रुपये की तेजी के साथ 9,800 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।

राजेश

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(The above story first appeared on LatestLY on May 12, 2024 11:12 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).