ताजा खबरें | सभी हवाई अड्डा परिचालकों को भवनों की ढांचागत स्थिरता का तीसरे पक्ष से ऑडिट कराने को कहा गया: सरकार

नयी दिल्ली, 22 जुलाई सरकार ने सोमवार को कहा कि सभी हवाई अड्डा परिचालकों को हवाई अड्डे की इमारतों और संबंधित बुनियादी ढांचे की संरचनात्मक स्थिरता का तीसरे पक्ष से ऑडिट कराने का निर्देश दिया गया है।

सरकार ने कहा कि इसके अलावा परिचालक हर साल मानसून आने से पहले, इमारतों के सभी सिविल, इलेक्ट्रिकल और तकनीकी पहलुओं का गहन मूल्यांकन करेंगे।

पिछले महीने तीन हवाई अड्डों की छत का एक हिस्सा गिरने की घटनाओं के मद्देनजर यह निर्देश दिए गए हैं। भारी बारिश के दौरान 28 जून को दिल्ली हवाई अड्डे के टर्मिनल 1डी की छत का एक हिस्सा गिर गया था। इसके अलावा, 27 और 29 जून को क्रमश: जबलपुर और राजकोट हवाई अड्डों पर भी ऐसी ही घटनाएं हुई थीं।

सोमवार को राज्यसभा में पेश आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2023-24 में भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण (एएआई) के 121 हवाई अड्डों के रखरखाव और मरम्मत (आरएंडएम) कार्यों पर 795.72 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।

नागर विमानन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने राज्य सभा को एक सवाल के लिखित जवाब में बताया कि मंत्रालय ने दिल्ली हवाई अड्डे पर हुई घटना का आकलन करने और अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए आईआईटी दिल्ली के संरचनात्मक इंजीनियरों वाली एक उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया है।

उन्होंने कहा कि इसके साथ ही सभी हवाई अड्डा परिचालकों को आईआईटी, एनआईटी, सीबीआरआई, ईआईएल आदि जैसे प्रतिष्ठित सरकारी संस्थान/निकाय के माध्यम से हवाई अड्डा भवनों और संबंधित बुनियादी ढांचे की संरचनात्मक स्थिरता का तीसरे पक्ष से ऑडिट कराने का निर्देश दिया गया है।

मंत्री ने एक अन्य प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी के संचालन से संबंधित विभिन्न पहलुओं के अध्ययन और उचित नियम विकसित करने के लिए आंतरिक कार्य समूहों का गठन किया है।

इस बीच नागर विमानन मंत्री के राममोहन नायडू ने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि ग्रीनफील्ड हवाई अड्डों पर केंद्र सरकार की एक संचालन समिति ने तमिलनाडु के परांडुर में प्रस्तावित हवाई अड्डे के लिए ‘साइट क्लियरेंस’ प्रदान कर दी है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के स्वामित्व वाली तमिलनाडु औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड (टीआईडीसीओ) ने कांचीपुरम जिले के परांडुर में हवाई अड्डे के लिए ‘साइट क्लियरेंस’ प्राप्त करने की खातिर नागर विमानन मंत्रालय को आवेदन किया था।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)