ताजा खबरें | हार के भय से अखिलेश यादव का लोकतंत्र बचाने के लिए क्रांति की बात करना हास्‍यास्‍पद : मौर्य

लखनऊ, आठ मार्च उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने मंगलवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि परिवारवाद के प्रतीक अखिलेश यादव का हार के भय से लोकतंत्र बचाने के लिए क्रांति की बात करना महज हास्यास्पद है क्योंकि कथित परिवारवाद से लोकतंत्र को बचाने का काम केवल भाजपा ही कर रही है।

यादव के आरोप लगाये जाने के कुछ देर बाद ही केशव प्रसाद मौर्य ने ट्वीट किया, ''परिवारवाद के प्रतीक अखिलेश यादव का हार के भय से लोकतंत्र बचाने के लिए क्रांति की बात करना महज़ हास्यास्पद है, कथित परिवारवाद से लोकतंत्र को बचाने का काम केवल भाजपा ही कर रही है।''

मौर्य ने ट्विटर पर लिखा, ''सपा गठबंधन के तथाकथित सभी बड़े नेता चुनाव हार चुके हैं, मतगणना के पहले नौटंकी बंद कीजिए, चुनाव आयोग से सभी प्रत्याशियों को ईवीएम मशीन की रखवाली की अनुमति है, परंतु उत्तर प्रदेश अब जातिवादी, परिवारवादी, गुंडागर्दी, दंगाईयों के विरूद्ध ईमानदारी से काम करने वाली पार्टी की सरकार के साथ है और रहेगी।''

उप मुख्यमंत्री ने सिलसिलेवार ट्वीट में तंज किया, ''पराजय के डर से निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनावों का स्वागत करने की जगह सपा प्रमुख श्री अखिलेश यादव पराजय के बाद का मीडिया के लिए जारी होने वाला प्रेस नोट मतगणना से पहले तैयार कर रहे हैं, सपा की करारी हार सरकार में रहते किए काले कारनामों के कारण हो रही है।''

उल्लेखनीय है कि मंगलवार की शाम को यादव ने उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी पर प्रशासनिक मशीनरी के जरिये वोटों की चोरी का आरोप लगाते हुए दावा किया कि उत्तर प्रदेश सरकार के अधिकारी अपने अधीनस्थों को निर्देश दे रहे हैं कि जहां भाजपा हार रही है, वहां मतगणना धीमी कर दी जाए।

मंगलवार की शाम को सपा मुख्यालय में अचानक बुलाई गई पत्रकार वार्ता में सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि हमारे लोगों को जानकारी मिली है कि मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव जिलों में डीएम (जिलाधिकारी) को फोन कर कह रहे हैं कि जहां जहां भाजपा के उम्मीदवार हारे वहां पर मतगणना धीमी होनी चाहिए।

यादव ने कहा कि ये लोकतंत्र का आखिरी चुनाव है, इसके बाद जिस तरह से आजादी के लिए लड़ाई लड़ी गई उसी तरह से आपको, हमको क्रांति करनी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि ''मैं तो अपने नौजवानों से अपील करूंगा कि जहां किसान इतने साल बैठे रहे जब सरकार झुकी, कम से कम तीन दिन लोकतंत्र के अखंड प्रहरी बनकर ईवीएम को बचाएं, चुनाव को बचाएं।''

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