देश की खबरें | एअर इंडिया पेशाब मामला: एसओपी तैयार करने संबंधी याचिका पर केंद्र, डीजीसीए को नोटिस

नयी दिल्ली, आठ मई उच्चतम न्यायालय ने उड़ानों में सहयात्री द्वारा पेशाब करने जैसी घटनाओं से निपटने के लिए मानक परिचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने का केंद्र सरकार, नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) और विमानन कंपनियों को निर्देश देने संबंधी एक याचिका पर विचार करने पर सोमवार को सहमति जता दी।

इस मामले में वही महिला यात्री याचिकाकर्ता हैं, जिनके ऊपर गत वर्ष नवम्बर में एअर इंडिया की उड़ान में एक सहयात्री ने पेशाब कर दिया था।

प्रधान न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति पी. एस. नरसिम्हा और न्यायमूर्ति जे. बी. पारदीवाला की पीठ ने महिला की याचिका का संज्ञान लिया और केंद्र, डीजीसीए तथा एअर इंडिया सहित सभी विमानन कंपनियों को नोटिस जारी किये।

शीर्ष अदालत ने सुनवाई के दौरान उपस्थित सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से भी एसओपी तैयार करने में मदद की पेशकश की। न्यायालय ने मामले की सुनवाई ग्रीष्मावकाश के बाद जुलाई में करने का निर्णय लिया।

बहत्तर-वर्षीया महिला ने मार्च में एक जनहित याचिका दायर की थी और कहा था कि एअर इंडिया और डीजीसीए के उदासीन रवैये के कारण उसे शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाने को मजबूर होना पड़ा है।

दिल्ली की एक निचली अदालत ने न्यूयार्क से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की एक उड़ान में महिला पर पेशाब करने वाले सहयात्री शंकर मिश्रा को 31 जनवरी को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया था।

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