नयी दिल्ली, 21 जून ट्रक परिचालकों की संस्था एआईएमटीसी ने रविवार को कहा कि डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी, भ्रष्टाचार और ट्रांसपोर्टरों को कोई राहत नहीं मिलने के कारण देश में 65 प्रतिशत ट्रक बिना काम के खड़े हैं।
ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (एआईएमटीसी) ट्रांसपोर्टरों की शीर्ष संस्था है, जो लगभग 95 लाख ट्रक परिचालकों और इकाइयों का प्रतिनिधित्वकरने का दावा करती है।
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एआईएमटीसी ने कहा कि ईंधन की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी और राज्यों की सीमा चौकियों पर बड़े पैमाने पर ‘वसूली’ने ट्रक ड्राइवरों को बुरी तरह प्रभावित किया है और अगर सरकार हस्तक्षेप नहीं करती है, तो परिवहन सेवाओं के बाधित होने से इनकार नहीं किया जा सकता।
रविवार को डीजल की कीमत में 60 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई हैं। पिछले 15 दिनों में डीजल 8.88 रुपये प्रति लीटर और पेट्रोल 7.97 रुपये प्रति लीटर महंगा हो गया है।
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एआईएमटीसी के अध्यक्ष कुलतरन सिंह अटवाल ने कहा, ‘‘परिचालन लगातार अस्थिर होता जा रहा है, क्योंकि परिवहन की कुल लागत का लगभग 60 प्रतिशत डीजल में खर्च होता है और लगभग 20 प्रतिशत टोल में जाता है। पहले ही मांग कम है और लगभग 65 प्रतिशत गाड़ियां खड़ी हैं। छोटे परिचालकों का काम लगातार बंद हो रहा है और वाहन खड़े हो रहे हैं।’’
उन्होंने कहा कि सरकार सड़क परिवहन क्षेत्र को कोई ठोस राहत देने में विफल रही है या फिर इस खंड के लिए किसी तरह का सुविधाजनक वातावरण नहीं दिया जा सका है। उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों में ट्रक ड्राइवरों की जबरन वसूली भी बढ़ रही है।
एआईएमटीसी ने कहा, ‘‘माननीय प्रधानमंत्री को पत्र लिखने के बावजूद जमीन पर हालात नहीं बदले हैं। विभिन्न राज्यों जैसे मध्य प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली आदि में आरटीओ और पुलिस के हाथों होने वाला भ्रष्टाचार असहनीय हो रहा है।’’
एआईएमटीसी ने आरोप लगाया कि आरटीओ के अलावा, पुलिस और जीएसटी अधिकारी भी ट्रक ड्राइवरों से वसूली कर रहे हैं।
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