औरंगाबाद, 21 जुलाई ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन (एआईएमआईएम) सांसद इम्तियाज जलील ने आगामी बकरीद त्योहार के लिए महाराष्ट्र सरकार के दिशानिर्देशों की मंगलवार को आलोचना की और मांग की कि इस मौके के लिए अस्थायी बाजार लगाये जाएं।
जलील ने कहा कि राज्य सरकार को समझाना चाहिए कि बकरीद पर ‘‘प्रतीकात्मक’’ कुर्बानी से उसका क्या मतलब है।
पिछले सप्ताह राज्य सरकार ने कोविड-19 महामारी के बीच 31 जुलाई और एक अगस्त को त्योहार मनाने के लिए विशेष दिशानिर्देश जारी किए थे।
दिशानिर्देशों के अनुसार लोगों से कहा गया है कि वे मस्जिदों के बजाय घर पर नमाज अदा करें और कुर्बानी के लिए जानवर ऑनलाइन या फोन पर खरीदें।
राज्य सरकार ने यह भी अपील की है कि ‘‘कुर्बानी’’ यदि प्रतीकात्मक तरीके से की जाए तो अच्छा है।
जलील ने सवाल किया, ‘‘राज्य सरकार को हमें यह बताना चाहिए कि 'प्रतीकात्मक' कुर्बानी से उसका क्या मतलब है। राज्य सरकार अब हमारे त्योहारों को निर्धारित नहीं कर सकती है। इसके अलावा, जब बाकी सभी चीजें अनलॉक हो रही हैं, तो उपासना स्थल अभी भी बंद क्यों हैं?’’
औरंगाबाद पुलिस आयुक्त के साथ बैठक के बाद उन्होंने कहा, ‘‘राज्य सरकार को अस्थायी बाजारों की अनुमति देनी चाहिए। लोग सावधानी बरतेंगे और एकदूसरे से दूरी बनाए रखेंगे।’’
उन्होंने कहा कि सवाल सिर्फ बकरीद को लेकर नहीं बल्कि अन्य आगामी त्योहारों को लेकर भी है, त्योहारी मौसम में अल्प अवधि के विक्रेताओं के व्यापार को बढ़ावा देने में मदद मिलती है जो कोरोना वायरस के मद्देनजर लागू लॉकडाउन के चलते बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
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