नयी दिल्ली, 20 फरवरी केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने बाल विवाह पर अंकुश लगाने के लिए सरकार एवं सामाजिक संगठनों के बीच समन्वय की जरूरत पर जोर देते हुए सोमवार को कहा कि मोदी सरकार का लक्ष्य इस बुराई को पूरी तरह खत्म करने का है।
वह ‘कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन्स फाउंडेशन’ की ओर से आयोजित ‘बाल विवाह मुक्त भारत पर राष्ट्रीय विमर्श’ कार्यक्रम में बोल रही थीं।
उन्होंने कहा, ‘‘अधिकारों के बारे में हमारे देश में पहले भी चर्चा हो चुकी है, लेकिन इसको लेकर जरूरी प्रशासनिक व्यवस्था नहीं थी। मोदी सरकार में कई कदम उठाए गए हैं।’’
ईरानी ने कहा, ‘‘देश के इतिहास में पहली बार 50 करोड़ नागरिकों के लिए पांच लाख रुपये के स्वास्थ्य बीमा की व्यवस्था की गई... देश के 11 करोड़ परिवारों तक नल से जल पहुंचा है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘बच्चों और महिलाओं के संरक्षण के लिए किसी भी कड़े कानून की जरूरत पड़ी तो ऐसा नहीं है कि मोदी सरकार ने नहीं बनाया... इस सरकार ने भविष्य और बच्चों के लिए बजट बनाया है।’’
स्मृति ईरानी ने कहा, ‘‘बाल विवाह एक अपराध है और हमें इसे पूरी तरह से खत्म करना होगा। हमारा लक्ष्य होना चाहिए कि हम इसे मौजूदा 23 प्रतिशत से शून्य प्रतिशत पर ले आएं।’’
केंद्रीय मंत्री ने बाल विवाह के खिलाफ लड़ाई में कैलाश सत्यार्थी के प्रयासों की चर्चा करते हुए कहा, ‘‘वह जमीनी स्तर पर काम करने वाले व्यक्ति हैं। कोविड-19 के दौरान अनाथ बच्चों के लिए कैलाश सत्यार्थी ने सरकार के साथ मिलकर काम किया।’’
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