देश की खबरें | एम्स ने लॉकडाउन में 55 हजार परामर्श फोन पर दिये, 10,609 गैर-कोविड रोगियों को भर्ती किया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. एम्स ने कोरोना वायरस के कारण लगे लॉकडाउन के दौरान अपने मरीजों को 55 हजार परामर्श फोन पर दिये ताकि उन्हें अस्पताल नहीं आना पड़े, वहीं संस्थान में 25 मार्च से 31 मई के बीच कोविड-19 के अलावा अन्य रोगों के 10,609 मरीजों को भी भर्ती किया गया।
नयी दिल्ली, 10 जून एम्स ने कोरोना वायरस के कारण लगे लॉकडाउन के दौरान अपने मरीजों को 55 हजार परामर्श फोन पर दिये ताकि उन्हें अस्पताल नहीं आना पड़े, वहीं संस्थान में 25 मार्च से 31 मई के बीच कोविड-19 के अलावा अन्य रोगों के 10,609 मरीजों को भी भर्ती किया गया।
एम्स की मुख्य प्रवक्ता डॉ आरती विज ने कहा कि जहां तक कोविड-19 के इलाज की बात है तो उसके जय प्रकाश नारायण एपेक्स ट्रॉमा सेंटर और झज्जर स्थित राष्ट्रीय कैंसर संस्थान (एनसीआई) में 2,301 रोगियों को भर्ती किया गया।
उन्होंने कहा कि एम्स में रोजना औसतन करीब 800 कोरोना वायरस संक्रमित रोगी आए।
एम्स ने दो महीने से अपनी ओपीडी सेवाएं बंद कर रखी हैं और ऐसी सभी सर्जरी पर भी रोक लगा रखी है जो बाद में की जा सकती हैं। ऐसा इसलिए किया गया ताकि उसके संसाधनों को महामारी रोकने में लगाया जा सके।
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डॉ विज ने बताया कि 25 मार्च से 31 मई के बीच अस्पताल के आपतकालीन विभाग में 12,746 रोगियों को देखा गया और बड़ी, छोटी तथा विशेष सर्जरी मिलाकर 4,083 सर्जरी की गयीं।
उन्होंने कहा कि इस अवधि में करीब 1,800 रोगियों को डायलिसिस दी गयी जिनमें कोविड-19 और गैर-कोविड दोनों तरह के मरीज शामिल हैं।
प्रवक्ता ने बताया कि एम्स के चिकित्सा, अर्द्ध-चिकित्सकीय, कार्यालयीन तथा अन्य सहायक कर्मियों समेत 11,218 कर्मचारियों को महामारी की शुरुआत होने के बाद संक्रमण रोकथाम के तरीकों को लेकर प्रशिक्षित किया गया था।
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