देश की खबरें | एम्स : आग के एक दिन बाद आपातकालीन, एंडोस्कोपिक सेवाएं लगभग बहाल

नयी दिल्ली, आठ अगस्त अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की पुरानी ओपीडी इमारत के दूसरे तल पर आग लगने के एक दिन बाद मंगलवार को आपातकालीन और एंडोस्कोपिक सेवाएं लगभग बहाल हो गईं। अस्पताल प्राधिकारियों ने यह जानकारी दी।

प्राधिकारियों के मुताबिक, सभी मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था और आग की घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। प्राधिकारियों के मुताबिक आग के कारणों का पता लगाया जाना अभी बाकी है।

एम्स-दिल्ली के मीडिया प्रकोष्ठ की प्रोफेसर प्रभारी डॉ. रीमा दादा ने बताया कि पुराने ओपीडी ब्लॉक में बाल और व्यस्क चिकित्सा संबंधी आपातकालीन सेवाएं बहाल हो गई हैं।

उन्होंने बताया कि द्वितीय तल पर एबी2 वार्ड में एंडोस्कोपी सुविधा बहाल हो गई है और आठवीं मंजिल पर ओटी परिसर में कामकाज फिर से शुरू हो गया है।

डॉ. रीमा ने बताया कि ऑर्थोपेडिक ओटी को अस्थायी रूप से कैजुअल्टी ओटी में स्थानांतरित कर दिया गया है।

एम्स की पुरानी ओपीडी इमारत में सोमवार को आग लग गई थी, जिसकी वजह से एंडोस्कोपी, आपातकालीन और निदान सेवाएं रोक दी गई थी।

सोमवार को एक वरिष्ठ चिकित्सक ने बताया था , ‘‘जब आग लगी उस समय एंडोस्कोपी कक्ष में दो मरीजों की जांच की जा रही थी। प्रतीक्षा क्षेत्र में लगभग 80 लोग मौजूद थे। घटना का पता लगने पर सभी को बाहर निकाल लिया गया।’’

एक अन्य चिकित्सक ने कहा कि आईसीयू में भर्ती छह मरीजों समेत 31 अन्य मरीजों को एबी-2 वार्ड से अन्य वार्ड में स्थानांतरित कर दिया गया।

धुआं बाहर निकालने के लिए चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ और सुरक्षाकर्मियों ने दूसरी मंजिल की कुछ खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए।

भूतल पर भी धुआं भर गया था, जिससे बाल और वयस्क आपातकालीन वार्ड के करीब 70 मरीजों को भी बाहर निकालना पड़ा। कुछ मरीजों को पास के सफदरजंग अस्पताल में स्थानांतरित किया गया है।

सूत्रों के मुताबिक, घटना के समय दूसरी मंजिल पर हड्डी विभाग का ऑपरेशन थिएटर चालू था और वहां से भी मरीजों को निकालना पड़ा।

एक अन्य अधिकारी ने कहा कि नुकसान के आकलन के लिए एक ‘ऑडिट’ किया जा रहा है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)