विदेश की खबरें | सहायता एजेंसियों ने ‘हॉर्न ऑफ़ अफ्रीका’ संकट के लिए संरा की 7 अरब डॉलर की अपील का समर्थन किया
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि क्षेत्र 40 वर्षों में सबसे खराब सूखे का सामना कर रहा है, सोमालिया, इथियोपिया और केन्या में 4.33 करोड़ से अधिक लोगों को सहायता की आवश्यकता है और इनमें से आधे से अधिक लोगों को पर्याप्त भोजन भी नहीं मिलता।

‘इंटरनेशनल रेस्क्यू कमेटी’ (आईआरसी) ने कहा कि अपीलकर्ताओं को अब तक उनके लिए आवश्यक दान के एक चौथाई से भी कम प्राप्त हुआ है।

आईआरसी के मुख्य कार्यकारी डेविड मिलिबैंड ने कहा, “खाद्य असुरक्षा से निपटने के प्रयासों को तत्काल बढ़ाने की आवश्यकता है।”

संयुक्त राष्ट्र न्यूयॉर्क स्थित अपने मुख्यालय में बुधवार को संकल्प सम्मेलन का आयोजन करने वाला है, जिसमें सदस्य देशों और भागीदारों को ‘हॉर्न ऑफ अफ्रीका’ संकट से निपटने के लिये वित्तीय सहायता देने के वास्ते प्रोत्साहित किया जाएगा।

मानवीय सहायता संगठनों का कहना है कि समय खत्म हो रहा है, क्योंकि प्रभावित समुदाय को महीनों से कम भोजन या बिना भोजन के काम चलाना पड़ रहा है।

मानवीय सहायता के लिये केयर इंटरनेशनल की उपाध्यक्ष दीपमाला महला ने कहा, ‘‘यह अत्यावश्यक से परे है--हमने पहले भी अकाल को टाला है और हम फिर से इसे कर सकते हैं---लोग पहले ही मर रहे हैं और घोषणा के लिये बिल्कुल समय नहीं है।’’

गौरतलब है कि ‘हॉर्न ऑफ अफ्रीका’ हॉर्न ऑफ अफ्रीका को सोमाली प्रायद्वीप के रूप में भी जाना जाता है। यह पूर्वी अफ्रीका में एक बड़ा प्रायद्वीप और भू-राजनीतिक क्षेत्र है। अफ्रीकी मुख्य भूमि के पूर्वी भाग में स्थित, यह दुनिया का चौथा सबसे बड़ा प्रायद्वीप है। इसमें इथियोपिया, इरिट्रिया, सोमालिया और जिबूती शामिल हैं। व्यापक परिओं में केन्या, सूडान, दक्षिण सूडान और यूगांडा के कुछ हिस्से या पूरे हिस्से भी इसमें शामिल हैं।

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