चेन्नई, 27 जुलाई तमिलनाडु में सत्तारूढ अन्नाद्रमुक, उसकी सहयोगी पार्टियों, विपक्षी द्रमुक नीत गठजोड़ ने राज्य द्वारा मेडिकल की सौंपी गयी सीटों पर ओबीसी आरक्षण दिए जाने के संबंध में मद्रास उच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत किया ।
मद्रास उच्च न्यायालय ने मेडिकल में प्रवेश के लिए तमिलनाडु द्वारा सौंपी गई अखिल भारतीय सीटों (एआईक्यू) में ओबीसी आरक्षण देने के विषय पर फैसला करने के लिए केंद्र सरकार को एक समिति गठित करने का सोमवार को निर्देश दिया।
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अदालत ने कहा कि इस समिति में केंद्र, राज्य और मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) के प्रतिनिधि शामिल होने चाहिए और इसका गठन तीन महीने के भीतर होना चाहिए।
मुख्य न्यायाधीश ए पी शाही और न्यायमूर्ति सेंथिलकुमार रामामूर्ति की पीठ ने यह भी साफ किया कि समिति द्वारा किया गया फैसला अगले अकादमिक वर्ष से लागू होगा।
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तमिलनाडु सरकार, द्रमुक, अन्नाद्रमुक, पीएमके और अन्य राजनीतिक दलों द्वारा दायर की गयी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए अदालत ने यह आदेश दिया ।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पनीरसेल्वम ने फैसले का स्वागत किया । सत्तारूढ़ अन्नाद्रमुक ने इस फैसले पर खुशी जतायी है ।
द्रमुक और उसकी सहयोगी पार्टियों ने कहा कि केंद्र को अदालत के निर्देश के मुताबिक तुरंत कमेटी का गठन करना चाहिए ।
सत्तारूढ़ अन्नाद्रमुक की सहयोगी पीएमके ने भी अदालत के फैसले का स्वागत किया। पार्टी के संस्थापक डॉ एस रामदॉस ने फैसले को मुद्दे पर महत्वपूर्ण प्रगति और सामाजिक न्याय के लिए पार्टी की जीत बताया ।
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