देश की खबरें | एआई कैमरा विवाद: माकपा ने मुख्यमंत्री विजयन का बचाव किया, कांग्रेस ने न्यायिक जांच की मांग की

तिरुवनंतपुरम, छह मई मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री पिनराई विजयन का बचाव किया जो अपनी सरकार की हाल में शुरू की गई ‘‘सुरक्षित केरल’’ परियोजना के तहत राज्य में एआई कैमरे लगाए जाने में कथित भ्रष्टाचार को लेकर विपक्षी कांग्रेस के निशाने पर हैं।

कांग्रेस ने, हालांकि, सत्तारूढ़ पार्टी पर पलटवार किया और कहा कि परियोजना में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों की सच्चाई सामने लाने के लिए एक व्यापक जांच की आवश्यकता है। कांग्रेस ने मामले की न्यायिक जांच की मांग की।

माकपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री ए के बालन ने कहा कि मुख्यमंत्री अपने ऊपर लगे आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया इसलिए नहीं दे रहे हैं क्योंकि इस मामले में सतर्कता जांच और प्रशासनिक स्तर की जांच पहले से ही चल रही है।

उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा कि इसी तरह के आरोप पहले भी मुख्यमंत्री और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ लगाए गए हैं लेकिन अब तक कुछ भी साबित नहीं हो सका है।

माकपा की केंद्रीय समिति के सदस्य बालन ने दावा किया कि मुख्यमंत्री को 2020 में कैमरा परियोजना के बारे में एक शिकायत मिली थी और इसे उन्होंने स्वयं सतर्कता विभाग को भेज दिया था।

उन्होंने पूछा, ‘‘मुख्यमंत्री इन सभी आरोपों का जवाब कैसे दे सकते हैं, जब उनके अधीन सतर्कता विभाग मामले की जांच कर रहा है।’’

बालन ने मामले पर लगातार चुप्पी के लिए मुख्यमंत्री का बचाव करते हुए कहा कि जब उनका ही विभाग जांच कर रहा है तो आरोपों पर उनका प्रतिक्रिया देना सही नहीं है।

इस परियोजना में सबसे पहले भ्रष्टाचार के आरोप लगाने वाले कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला ने हालांकि बालन के इस दावे को खारिज किया कि एआई कैमरा परियोजना में सतर्कता जांच चल रही है।

उन्होंने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘बालन ने कहा है कि सतर्कता जांच चल रही है। क्या है सतर्कता जांच? यह जांच परिवहन विभाग के आयुक्त रह चुके एक अवकाशप्राप्त सरकारी अधिकारी के खिलाफ किसी की शिकायत पर आधारित है।

चेन्निथला ने दावा किया कि इसके अलावा, एआई कैमरों से जुड़ी किसी भी चीज के खिलाफ कोई जांच नहीं चल रही है।

पूर्व गृह मंत्री ने कहा, ‘‘अगर ऐसा होता (जांच) तो क्या मुख्यमंत्री, जिनके पास सतर्कता विभाग का प्रभार है, उस परियोजना का उद्घाटन करते जिसकी जांच हो रही है?’’

उन्होंने आरोप लगाया कि केरल की जिस कंपनी पर कैमरों की खरीद को लेकर आरोप लगे हैं उसके विजयन और सत्तारूढ़ माकपा से संबंध हैं।

उद्योग मंत्री पी राजीव ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा, ‘‘सरकार को किसी जांच से परहेज नहीं है।’’

माकपा की केंद्रीय समिति के सदस्य राजीव ने दावा किया कि मुख्यमंत्री के करीबी रिश्तेदारों के कैमरा परियोजना को लेकर आरोपों का सामना कर रही कंपनी से संबंध के दावे को साबित करने से जुड़ा कोई सबूत नहीं है।

मंत्री ने विपक्ष के इस आरोप को भी खारिज किया कि करोड़ों रुपये के उप ठेके विभिन्न कंपनियों को दिए गए। उन्होंने कहा कि डाटा सुरक्षा और अन्य मामले केरल के सार्वजनिक उपक्रम केलट्रॉन द्वारा देखे जाते हैं।

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