(दीपक रंजन)
नयी दिल्ली, 17 फरवरी भारत ने कोरोना वायरस के खिलाफ जंग के प्रथम चरण में पड़ोसियों एवं मित्र देशों को कोविड-19 के टीके की 64 लाख खुराक अनुदान सहायता के रूप में उपलब्ध कराई हैं और अब अगले चरण में वह अफ्रीकी, कैरिकोम, लातिन अमेरिकी और प्रशांत द्वीपीय देशों को टीके भेजेगा ।
जनवरी के मध्य से अब तक भारत ने 20 से अधिक पड़ोसी एवं मित्र देशों को भेंट एवं वाणिज्यिक आपूर्ति के तहत कोरोना वायरस के टीके की 229 लाख खुराक उपलब्ध करायी हैं ।
दुनिया के देशों को भारत द्वारा अनुदान सहायता और वाणिज्यिक आपूर्ति के तहत टीका उपलब्ध कराने के अभियान को ‘‘टीका मैत्री’’ का नाम दिया गया है। इसे टीका कूटनीति भी कहा जा रहा है ।
भारत में 16 जनवरी को टीकाकरण कार्यक्रम शुरू हुआ। इसके चार दिन बाद विभिन्न देशों को टीका उपलब्ध कराने के लिए ‘‘टीका मैत्री’’ अभियान की शुरूआत की गई । बीते हफ्तों में भूटान, म्यांमा, नेपाल से लेकर बांग्लादेश, श्रीलंका, मॉरीशस, सेशेल्स तक लाखों की तादाद में भारत में निर्मित टीके पहुंचाये गए हैं।
विदेश मंत्रालय से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, ‘‘भारत ने कोविड-19 के टीके की 229 लाख खुराक विभिन्न देशों को प्रदान की हैं जिनमें से 64 लाख खुराक अनुदान सहायता के रूप में और 165 लाख खुराक वाणिज्यिक आपूर्ति के तहत भेजी गई हैं। आने वाले दिनों में टीका अफ्रीकी देशों, लातिन अमेरिका, कैरिकोम और प्रशांत द्वीपीय देशों को भेजा जाएगा। ’’
विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने ‘’ से कहा, ‘‘ यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस घोषणा के अनुरूप है जिसमें उन्होंने कहा था कि कोविड-19 महामारी के खिलाफ लड़ाई में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को भारत अपना कर्तव्य मानता है । इसी के तहत हम अपनी घरेलू जरूरतों का आकलन करते हुए अपने पड़ोस और इससे इतर अन्य देशों को सबसे पहले टीका उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहे हैं।’’
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