भुवनेश्वर, 17 जून पिछले कुछ समय से विभिन्न मौसम में ट्रेनिंग कर रहे लंबी कूद के दिग्गज खिलाड़ी मुरली श्रीशंकर का मानना है कि वह रविवार को यहां राष्ट्रीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उमस भरे मौसम से निपटते हुए स्वर्ण पदक जीत सकते हैं।
पिछले हफ्ते पेरिस में डाइमंड लीग में पदक जीतने वाले श्रीशंकर ने सत्र की शुरुआत अप्रैल में बेंगलुरू में इंडियन ग्रां प्री के साथ की।
इसके बाद उन्होंने अमेरिका के चुला विस्टा में एमवीए हाई परफोर्मेंस मीट में हवा की मदद से 8.29 मीटर का प्रयास किया।
श्रीशंकर ने यूनान में 8.18 मीटर के प्रयास से अंतरराष्ट्रीय जंपिंग मीट में स्वर्ण पदक जीता और फिर प्रतिष्ठित डाइमंड लीग के पेरिस चरण में 8.09 मीटर के प्रयास से तीसरे स्थान पर रहे।
वह ओलंपिक चैंपियन भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा और चक्का फेंक के पूर्व खिलाड़ी विकास गौड़ा के बाद डाइमंड लीग में पदक जीतने वाले सिर्फ तीसरे भारतीय बने।
श्रीशंकर ने मौजूदा अंतर राज्यीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप में रविवार को होने वाली स्पर्धा से पहले पीटीआई से कहा, ‘‘यूनान में तापमान कम-ज्यादा हो रहा था, कभी कभी 40 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच जाता था। बेशक यहां उमस ज्यादा है। मैंने कम और अधिक तापमान में ट्रेनिंग और प्रतिस्पर्धा की है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैं अपना सर्वश्रेष्ठ देने को तैयार हूं और उम्मीद करता हूं कि अच्छा प्रदर्शन करूंगा। देखते हैं क्या होता है।’’
श्रीशंकर के पिता और कोच एस मुरली ने कहा कि पेरिस डाइमंड लीग में तीसरे स्थान पर रहने पर उनका आत्मविश्वास बढ़ा है।
उन्होंने कहा, ‘‘बेशक राष्ट्रमंडल खेलों का पदक महत्वपूर्ण था लेकिन पेरिस में तीसरे स्थान ने उसे भरोसा दिया कि वह डाइमंड लीग जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं में भी पदक जीत सकता है।’’
मुरली ने साथ ही बताया कि उनका बेटा 30 जून को डाइमंडल लीग के लुसाने चरण में भी हिस्सा लेगा जहां वह यूनान के ओलंपिक चैंपियन मिल्टियाडिस टेंटोग्लो जैसे खिलाड़ियों को चुनौती देंगे।
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