नयी दिल्ली, छह जुलाई भारत के परमाणु नियामक एईआरबी ने गुजरात के काकरापार परमाणु ऊर्जा स्टेशन (केएपीएस) में दो स्वदेशी 700 मेगावाट के दाबयुक्त भारी जल रिएक्टर (पीएचडब्ल्यूआर) के लिए परिचालन लाइसेंस दिया है।
केएपीएस-3 रिएक्टर को अगस्त, 2023 में पूरी क्षमता पर चालू किया गया था, जबकि केएपीएस-4 इकाई को एक साल बाद उसी महीने चालू किया गया।
नियामक ने बयान में कहा, ''परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड (एईआरबी) ने डिजाइन और निष्पादन सुरक्षा समीक्षा पूरी कर ली है और देश के पहले 700 मेगावाट के स्वदेशी दाबयुक्त भारी जल रिएक्टर (पीएचडब्ल्यूआर) केएपीएस-3 और केएपीएस-4 की इकाइयों तीन और चार के संचालन के लिए लाइसेंस जारी कर दिया है।''
चूंकि 700 मेगावाट का रिएक्टर अपनी तरह का पहला रिएक्टर है, इसलिए लाइसेंसिंग प्रक्रिया में रिएक्टर डिजाइन की कठोर बहु-स्तरीय सुरक्षा समीक्षा और मूल्यांकन किया गया।
भारतीय परमाणु बिजली निगम लिमिटेड (एनपीसीआईएल) को तीन जुलाई को एईआरबी से केएपीएस-3 और केएपीएस-4 के लिए पांच साल की अवधि के लिए परिचालन लाइसेंस मिला।
लाइसेंस जारी होना एनपीसीआईएल के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, जो 700 मेगावाट के 10 पीएचडब्ल्यूआर के निर्माण की अगुवाई कर रहा है।
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