देश की खबरें | तमिलनाडु के महाधिवक्ता ने गुरुमूर्ति के खिलाफ अवमानना कार्रवाई संबंधी अनुमति देने से इनकार किया

चेन्नई, एक अप्रैल तमिलनाडु के महाधिवक्ता विजय नारायण ने न्यायपालिका और न्यायाधीशों के खिलाफ कथित टिप्पणी के मामले में तमिल पत्रिका ‘तुगलक’ के स्तंभकार एवं संपादक गुरुमूर्ति के खिलाफ आपराधिक अवमानना कार्यवाही शुरू करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है।

मामला जनवरी में एक समारोह में न्यायपालिका और न्यायाधीशों के खिलाफ कथित टिप्पणियां किए जाने से जुड़ा है।

महाधिवक्ता ने 31 मार्च को जारी अपने आदेश में कहा है, ‘‘मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए और उल्लिखित तीन फैसलों संबंधी कानून पर अमल करते हुए, मुझे नहीं लगता कि प्रतिवादी (गुरुमूर्ति) के खिलाफ आपराधिक अवमानना कार्यवाही शुरू करने का कोई मामला बनता है।’’

अधिवक्ता एस दोरईसामी ने महाधिवक्ता से गुरुमूर्ति के खिलाफ आपराधिक अवमानना कार्यवाही शुरू करने की अनुमति देने का आग्रह किया था।

दरअसल, 14 जनवरी को पत्रिका के वार्षिक कार्यक्रम के दौरान गुरुमूर्ति ने उच्च न्यायालयों और उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों के बारे में टिप्पणी की थी।

दोरईसामी ने कहा था कि संबंधित बयान न्यायालय अवमानना कानून की धारा 2 (सी) के अनुसार अवमानना के बराबर है।

गुरुमूर्ति ने हालांकि अगले ही दिन बयान जारी कर कहा था कि उन्होंने ‘न्यायाधीश’ शब्द का इस्तेमाल एक अन्य शब्द की जगह किया था तथा उन्होंने न्यायपालिका का हमेशा सम्मान किया है।

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