मुंबई, 24 फरवरी वैश्विक बैंक प्रमुख डीबीएस समूह के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पीयूष गुप्ता ने सोमवार को कहा कि परिचालन में कृत्रिम मेधा (एआई) अपनाने के कारण कंपनी में अगले तीन वर्षों में कर्मचारियों की संख्या में 10 प्रतिशत की कमी आ सकती है।
गुप्ता ने कहा कि एआई अलग है और अतीत में अपनाई गई किसी भी अन्य प्रौद्योगिकी से भिन्न है। उन्होंने कहा कि सिंगापुर के बैंक के शीर्ष पर अपने 15 साल से अधिक के कार्यकाल में पहली बार उन्हें नई नौकरियां पैदा करने में संघर्ष करना पड़ रहा है।
गुप्ता ने यहां भारतीय आईटी उद्योग का समूह नैसकॉम के कार्यक्रम में कहा, “इस साल, मेरा अनुमान है कि अगले तीन वर्षों में, हम अपने कर्मचारियों की संख्या में 4,000 या 10 प्रतिशत की कमी करने जा रहे हैं।”
गुप्ता ने यहां भारतीय आईटी उद्योग समूह नैसकॉम के कार्यक्रम में कहा, “इस साल, मेरा मौजूदा अनुमान यह है कि अगले तीन सालों में हम अपने कर्मचारियों की संख्या में 4,000 या 10 प्रतिशत की कमी करने जा रहे हैं।”
गुप्ता ने कहा, “एआई बहुत शक्तिशाली है। यह खुद को बना सकता है और नकल भी कर सकता है। एआई ‘अलग’ है, पिछले 10 वर्षों में समूह में किसी भी नौकरी में कटौती नहीं हुई है।’’
उन्होंने याद दिलाया कि 2016-17 में, बैंक ने एक डिजिटल परिवर्तन शुरू किया, जिसका प्रभाव 1,600 लोगों पर देखा गया, लेकिन उन्होंने कहा कि उनमें से लगभग सभी को यूनियनों और अन्य प्रतिनिधियों के परामर्श से पुनर्निर्देशित किया गया था।
हालांकि, एआई के युग में मौजूदा चुनौती यह भी है कि कार्यबल का अन्य कार्यों में कैसे उपयोग किया जाए।
बाद में जारी एक बयान में, डीबीएस बैंक ने स्पष्ट किया कि अगले तीन वर्षों में 4,000 कर्मचारियों की कमी मुख्य रूप से अनुबंध और अस्थायी कर्मचारियों के मामले में होगी।
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