देश की खबरें | अधिकारी परिवार ममता की रैली में शामिल नहीं हुआ, मुख्यमंत्री ने इसे टीएमसी को तोड़ने का प्रयास बताया
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

मेदिनीपुर (पश्चिम बंगाल), सात दिसंबर तृणमूल कांग्रेस के बागी नेता शुभेंदु अधिकारी के अगले कदम को लेकर जारी कयासबाजी के बीच राजनीतिक रूप से प्रभावशाली उनका परिवार सोमवार को उनके गढ़ में आयोजित मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की रैली में शामिल नहीं हुआ। इसके बाद मुख्यमंत्री ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह ‘‘धन के थैले’’ का इस्तेमाल कर उनकी पार्टी को तोड़ने का प्रयास कर रही है।

अधिकारी ने हाल में मंत्री का पद छोड़ दिया था और कहा था कि टीएमसी नेतृत्व के साथ काम करना उनके लिए कठिन है। बनर्जी की तरफ से नियुक्त वार्ताकारों ने अधिकारी से कई दौर की वार्ता की, लेकिन वह नहीं माने।

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न केवल शुभेंदु बल्कि पूरा अधिकारी परिवार --उनके पिता शिशिर अधिकारी और भाई दिब्येंदु तथा सोमेंदु भी रैली में नहीं पहुंचे। शिशिर और दिब्येंदु अधिकारी क्रमश: तामलुक और कांठी लोकसभा क्षेत्रों से टीएमसी के सांसद हैं और सोमेंदु अधिकारी पूर्वी मेदिनीपुर से विधायक हैं।

उनके समर्थक भी रैली से दूर ही रहे।

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बनर्जी ने रैली में कहा, ‘‘तृणमूल कांग्रेस के पश्चिम मेदिनीपुर के सभी विधायक आज यहां मौजूद हैं। टीएमसी नेताओं के बारे में झूठ फैलाने वाले लोगों से मैं कहना चाहती हूं कि हमारी पार्टी सबसे अधिक ईमानदार है। हम भाजपा की तरह नहीं हैं, जो विपक्षी दलों के शासन वाले राज्यों में धन के थैले का इस्तेमाल कर वहां की सरकार गिराती है और विपक्षी दलों को तोड़ने का प्रयास कर रही है।’’

बनर्जी ने किसी का नाम लिए बगैर कहा कि तृणमूल कांग्रेस ‘‘को तोड़ना आसान नहीं है’’ और यह भगवा दल के समक्ष आत्मसमर्पण नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि चुनावों से पहले अपनी पार्टी के साथ ‘‘ब्लैकमेल करने और मोलभाव करने’’ के प्रयासों को भी वह सफल नहीं होने देंगी।

उन्होंने आरोप लगाए, ‘‘जो लोग भ्रष्ट हैं वे भाजपा में शामिल हो रहे हैं। माकपा के गुंडों ने अब पाला बदल लिया है और भाजपा के कैडर के तौर पर काम कर रहे हैं।’’

बनर्जी ने हाल में पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों को कड़ी चेतावनी दी थी और विपक्ष के साथ संपर्क में रहने वाले टीएमसी के नेताओं से कहा था कि सत्तारूढ़ दल को कमजोर करने के बजाए वे इसे छोड़ दें।

मेदिनीपुर कॉलेज मैदान में यह रैली ऐसे समय में हुई है जब टीएमसी और शुभेंदु अधिकारी के बीच खाई चौड़ी हो गई है। अधिकारी ने पिछले हफ्ते पश्चिम मेदिनीपुर जिले के गारबेटा में टीएमसी के बैनर और झंडों के बगैर रैली का आयोजन किया था।

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