देश की खबरें | हत्या के षड्यंत्र की प्राथमिकी रद्द करने की अभिनेता दिलीप की याचिका झूठ का पुलिंदा: अपराध शाखा

कोच्चि, आठ मार्च अपराध शाखा ने 2017 में एक अभिनेत्री पर हमले के मामले की जांच करने वाले अधिकारियों की हत्या की साजिश रचने और उन्हें धमकाने के आरोप में अभिनेता दिलीप तथा अन्य के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने की अभिनेता की याचिका का मंगलवार को केरल उच्च न्यायालय में विरोध किया।

अपराध शाखा ने कहा कि दिलीप की याचिका ‘झूठ और मनगढ़ंत तथ्यों का पुलिंदा’ है।

अभिनेता की याचिका के जवाब में दाखिल बयान में एजेंसी ने दलील दी कि अभी तक जो सामग्री एकत्रित की गयी है, उससे संकेत मिलता है कि ‘बहुत खतरनाक स्थिति है’ जिसमें 2017 के मामले की जांच कर रहे कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की जिंदगी खतरे में है।

वरिष्ठ सरकारी वकील और अतिरिक्त सरकारी अभियोजक पी नारायणन के माध्यम से दाखिल बयान में अपराध शाखा ने दावा किया कि फिल्म निर्देशक बालाचंद्र कुमार इस मामले में अभिनेता दिलीप, उनके भाई, साले और तीन अन्य की कथित साजिश के गवाह हैं।

एजेंसी ने यह दावा भी किया कि कुमार के बयानों और उनके द्वारा पुलिस को दी गयी वीडियो क्लिप के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गयी।

दिलीप ने वकील फिलीप टी वर्गीज के माध्यम से दाखिल अपनी याचिका में प्राथमिकी को रद्द करने की या विकल्प के तौर पर जांच को सीबीआई को हस्तांतरित करने की मांग की थी। दिलीप ने आरोप लगाया कि ताजा मामला दुर्भावना से प्रेरित होकर दर्ज किया गया है।

उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि मामले में अपराध शाखा के अधिकारियों द्वारा अब तक की गयी जांच ‘‘बहुत दागदार, पूर्वाग्रह से ग्रसित, निरर्थक और बेइमान’’ रही है।

अपराध शाखा ने आरोपों को खारिज करते हुए दलील दी कि मामले में उचित तरह से और कानून के अनुरूप जांच की जा रही है और इस मौके पर जांच सीबीआई को हस्तांतरित करने का कोई कानूनी आधार नहीं है।

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